Wednesday, Nov 18th, 2009, 9:02 am [IST]  

danik bhaskarकुंवारी बन रचाया दूसरा ब्याह

भास्कर न्यूज

अजमेर. अजमेर नगर निगम में एक विवाहिता ने स्वयं को कुंवारी बताकर दूसरे युवक के साथ हुए विवाह का पंजीयन करा लिया। युवती का पहले पति से विधिवत रूप से तलाक नहीं हुआ है। नगर निगम से तथ्य छिपा कर शादी का पंजीयन कराने के पहले भी कई मामले आ चुके हैं।



पलटन बाजार निवासी दिनेश कुमार की पुत्री नीतू ने सुभाष नगर स्थित न्यू कॉलोनी निवासी भगवानदास होतचन्दानी के पुत्र ललित से 23 मार्च 2009 को काली माता के मंदिर में शादी की थी। नगर निगम ने पेश किए गए कागजातों के आधार पर विवाह का पंजीयन कर दिया।



गत तेरह नवंबर को सुंदरनगर निवासी नीरज ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिख कर सूचित किया कि नीतू ने तथ्यों को छिपाकर विवाह का पंजीयन कराया है। नीरज के मुताबिक नीतू का उसके संग विवाह सात दिसंबर, 2008 को दोनों के परिवार व समाज के समक्ष हुआ था लेकिन शादी के डेढ़ माह बाद ही मनमुटाव होने की वजह से 22 जनवरी 2009 से अलग-अलग रहने लगे।



गत दो फरवरी को नोटेरी पब्लिक के सामने दोनों ने सौ— सौ रुपए के शपथ पत्र पर इकरारनामा कर स्वतंत्र जीवन जीने का फैसला किया था। 6 फरवरी 2009 को दोनों ने विवाह संबंध विच्छेद करने के लिए परिवारिक न्यायालय में डिक्री के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था, लेकिन न्यायाधीश ने शादी को एक साल पूरा नहीं होने की वजह से प्रार्थना पत्र रद्द कर दिया।



इस बीच नीतू ने ललित से शादी कर 30 अप्रैल 2009 को निगम में शादी का पंजीयन करा लिया। नीरज ने शिकायत के साथ अपने दस्तावेजों में शादी का कार्ड और फोटो भी नत्थी किए थे। निगम ने मामले की जांच की तो पता चला कि नीतू ने पेश किए गए शपथ पत्र में स्वयं को अविवाहित बता रखा था। नगर निगम लड़की के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर गंभ्ीरता से विचार कर रहा है।




पहले भी हुए हैं घपले
निगम में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए आ रहे मामलों में पहले भी घपले हो चुके हैं। इससे पहले गलत दस्तावेज पेश कर नाबालिग के विवाह का पंजीयन और नाबालिग प्रेमिका से निकाह के पंजीयन के लिए प्रेमिका की बड़ी बहिन के नाम के दस्तावेज पेश करने के मामले हो चुके हैं। इसके चलते अब अधिकारी पूरे कागजातों की जांच करने के बाद ही कोई कदम उठा रहे है।



कार्रवाई की जाएगी
नीतू के पूर्व पति नीरज ने विवाह पंजीयन का प्रमाण पत्र लेने के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया था। इसके बाद नीतू द्वारा दूसरी शादी करने की बात सामने आई है। नीतू ने शपथ पत्र में स्वयं को कुंवारी बताया है, जबकि वह पहले से शादी शुदा है। कानूनी रूप से भी उसका तलाक नहीं हुआ है। निगम नीतू के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
नारायण लाल मीणा, सचिव, नगर निगम

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