अब चर्बी विवाद में फंसे शोएब़
कराची. पाकिस्तान क्रिकेट के सबसे विवादास्पद क्रिकेटर शोएब अख्तर की हरकतों से पीसीबी बेहद नाराज है। अख्तर ने बिना बताए अतिरिक्त चर्बी घटाने के लिए लाइपोसक्शन सर्जरी कराई है।
सर्जरी के कारण अब उनका ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाना खटाई में पड़ गया है। दैनिक अखबार ‘न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक अख्तर ने लंदन से घुटने का ऑपरेशन कराने के बाद हाल ही में शरीर से अतिरिक्त चर्बी निकालने के लिए इस्लामाबाद में लाइपोसक्शन सर्जरी कराई थी। इसके तहत सुई से शरीर के किसी खास हिस्से से अतिरिक्त चर्बी निकाली जाती है।
रिपोर्ट में जाने माने स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. वकार अहमद के हवाले से कहा गया है ‘शोएब को रिकवरी और फिर से खेलने के लिए उपलब्ध होने में तीन से चार महीने का समय लग जाएगा। इसके लिए उन्हें पुनर्वास से गुजरना होगा।’
हालांकि अख्तर और उनके परिजनों ने इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की है लेकिन पीसीबी अधिकारियों का कहना है कि तेज गेंदबाज ने इस बारे में बोर्ड को कोई सूचना नहीं दी थी। एक अधिकारी ने कहा कि अख्तर केन्द्रीय अनुबंध प्राप्त खिलाड़ी हैं और उन्हें किसी भी तरह का उपचार कराने से पहले हमारे मेडिकल पैनल से सलाह लेनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।
पीसीबी ने किया था इंकार : पीसीबी ने केन्द्रीय अनुबंध प्राप्त खिलाड़ी होने के बावजूद लंदन में अख्तर के घुटने के ऑपरेशन में आए खर्च को वहन करने से इंकार कर दिया था। बोर्ड का तर्क था कि अख्तर के घुटने पर देश के लिए खेलते समय चोट नहीं लगी थी और न ही बोर्ड के मेडिकल पैनल को कोई रिपोर्ट भेजी थी।
अख्तर के करीबी सूत्रों का कहना है कि चूंकि पीसीबी ने उनके घुटने के ऑपरेशन का खर्च वहन करने से इन्कार कर दिया था इसलिए अख्तर ने अपने खर्च पर लाइपोसक्शन सर्जरी कराने का फैसला किया।
अख्तर ने इस मामले में बोर्ड के मेडिकल पैनल से सलाह लेना जरूरी नहीं समझा। रिपोर्ट में कहा गया है कि लाइपोसक्शन सर्जरी के कारण अख्तर का आगामी आस्ट्रेलिया दौरे के लिए उपलब्ध रहना संभव नहीं है।
विशेषज्ञों के मुताबिक लाइपोसक्शन सर्जरी के बाद रिकवरी के लिए पूरे आराम और पुनर्वास की जरूरत होती है। यदि इसमें जरा सी भी लापरवाही बरती गई तो क्रिकेट करियर चौपट हो सकता है।










