खल रही है जम्बो की कमी
श्रीलंका के विरुद्ध अहमदाबाद में हो रहे श्रृंखला के पहले टेस्ट में भारत की हालत खस्ता नज़र आ रही है। इसका मुख्य कारण भारत का कमज़ोर स्पिन आक्रमण दिख रहा है। धाकड़ फिरकी गेंदबाज़ अनिल कुंबले की कमी को कोई भी गेंदबाज़ पूरी नहीं कर पाया है।
कुंबले टेस्ट मैचों में भारत के आक्रमण की रीढ़ हुआ करते थे। अकेले कुंबले ने अपने दम पर भारत को कई मुकाबलों में विजय दिलाई है। हरभजन सिंह के अतिरिक्त कोई भी फिरकी गेंदबाज़ प्रभाव नहीं डाल सका है। हालांकि भज्जी भी मात्र एक सफलता हांसिल कर पाए हैं।
अनिल कुबले ने भारत को पूरे इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच जिताए हैं| कुंबले जैसे जुझारू खिलाडी बिरले ही पैदा होते हैं| पाकिस्तान के विरुद्ध कोटला में हुआ टेस्ट मैच हर क्रिकेट प्रेमी के ज़ेहन में आज भी ताज़ा होगा| सीरीज़ में 1-0 से पीछे चल रहे भारत को जम्बो ने अपने रिकॉर्ड एक इनिंग में 74 रन देकर पूरी पाकिस्तान टीम को अकेले ही पैवेलियन की राह दिखाई थी|
अपने करियर में कुंबले 132 टेस्ट मैच खेले, जिसमे उन्होंने 619 विकेट चटकाए| भारत आज भी ऐसा दूसरा मैच विनर गेंदबाज़ नहीं ढूंढ पाया है|2008 में कुंबले के अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भारतीय चयनकर्ताओं ने पियूष चावला, रोमेश पोवार, अमित मिश्रा सहित कई फिरकी गेंदबाजों को आजमाया, पर कोई भी जम्बो के पास भी नहीं फटकता| 1990 में क्रिकेट जगत में पर्दार्पण करने वाले कुंबले ने टीम में अपना एक विशेष स्थान बनाया था| कुंबले ने 1992 में हुए वेस्ट इंडीज़ के विरुद्ध टेस्ट मैच में 12 रन देकर 6 विकेट झटककर अपना दम ख़म दिखा दिया था|
मोटेरा टेस्ट में भारत की स्थिति देखते हुए आज हर क्रिकेट का दीवाना यही दुआ कर रहा है...भारत को जम्बो जैसा कोई तारण हार गेंदबाज़ जल्द मिलजाए|











