‘ग्राउंड वाटर’ में झलकेगा विस्थापितों का दर्द
रेणुकाजी. रेणुका बांध के विस्थापितों पर एक डॉक्यूमेंटरी फिल्म बनाई जा रही है। इस फिल्म के माध्यम से विस्थापितों की पीड़ा को देश-विदेश में दिखाया जाएगा। फिल्म के आजकल बांध क्षेत्र सहित सभी 32 गांव में दृश्य फिल्माए जा रहे हैं। दिल्ली की इंटर कल्चर रिसोर्सिज व ग्राउंड वाटर सोसाइटी नामक संगठनों की ओर से इस फिल्म में पेयजल के महत्व व विस्थापन की टींस का समझाया जाएगा। इसकी के चलते गिरिपार क्षेत्र के 17 गांव व सैनधार में सात गांव में शॉट लिए गए।
फिल्म के लिए 32 गांवों के विस्थापितों सहित स्थानीय प्रधान व बुद्धिजीवियों के इंटरव्यू भी लिए जा रहे हैं। फिल्म निर्माण के लिए गांव-गांव जाकर विस्थापितों के बयान रिकॉर्ड कर रही यूएसए की कैटी जिल्लेट व कारिया मैसन सहित दिल्ली की तारिणी मनचंदा ने बताया कि ये फिल्म बच्चों के लिए बनाई जा रही है, लेकिन इस फिल्म को केंद्र, प्रदेश सरकार सहित विदेशों में भी दिखाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिल्म का नाम ‘ग्राउंड वाटर’ रखा गया है। गौरतलब है कि 28.78 करोड़ की लागत से बनने वाले रेणुका बांध में 175 मीटर ऊंचा बांध बनाया जा रहा है। जिसमें 32 गांव में करीब 800 परिवार विस्थापित होंगे। इस बांध की चपेट में करीब 200 हेक्टेयर भूमि आएगी।
बुधवार को ददाहू पंचायत के प्रधान महेश अग्रवाल, रेणुका बांध जन संघर्ष समिति के संयोजक योगेंद्र कपिला व सह सचिव पूर्ण शर्मा सहित दर्जनों विस्थापितों की जल मग्न जमीन के शॉट लिए गए। कैटी व तारिणी ने कहा कि दिल्ली के लिए पीने का पानी उपलब्ध करवाने के लिए इतना पर्यावरण का नुकसान और इतने लोगों को आशियाने उजाड़ना तर्क संगत नहीं है। ये भी इस बाल फिल्म में दर्शाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राउंड वाटर फिल्म करीब घंटे की होगी, जिसको बनाने का उद्देश्य देश ही नहीं विदेशों के लोगों को भी इस बांध के प्रति जागरूक करना है। बांध का हर मंच पर विरोध किया जाएगा।
विकासात्मक फिल्म बनाएगी समिति
हिमाचल विकास फिल्म समिति की बैठक बुधवार को प्रदेशाध्यक्ष शांति स्वरूप शर्मा की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि समिति 16 साल से प्रदेश में कई विकासात्मक फिल्में बना चुकी है। इसी के तहत समिति नए वर्ष के उपलक्ष्य पर विकासात्मक डॉक्यूमेंट्री फिल्म प्रदेश सरकार को समर्पित करेगी। उन्होंने कहा कि यह समिति सरकार से मान्यता प्राप्त है और इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को अलग पहचान दिलाना है। इस अवसर पर रोहित को महासचिव, सुशील लखनपाल को जनसंपर्क एवं मीडिया सलाहकार और शिमला के अभिनव शर्मा को प्रोडक्शन हेड नियुक्त किया गया।










