‘तिब्बत पर अमेरिकी भावना में कई अवरोध’
धर्मशाला. तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा ने अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के चीन दौरे पर दिए गए वक्तव्य पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि अमेरिका की तिब्बत में गहरी रुचि है, लेकिन अमेरिका के समक्ष अपनी इस भावना को जाहिर करने में कई अवरोध हैं।
दलाईलामा के निजी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दलाईलामा ने कहा कि वह बराक ओबामा के बयान की सराहना करते हैं, साथ ही विश्व के शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका से आग्रह करते हैं कि वह चीन को लोकतंत्र अपनाने की ओर प्रेरित करे।
बराक ओबामा ने चीन यात्रा पर जाने से पहले व्हाइट हाउस की ओर से विशेष प्रतिनिधिमंडल को मैक्लोडगंज भेजकर तिब्बत मुद्दे पर दलाईलामा और निर्वासित तिब्बती केंद्रीय प्रशासन को अमेरिका की तिब्बत नीति के बारे में अवगत करवाया था। 14 सितंबर 2009 को अमेरिका सरकार की अंडर सेक्रेटरी और स्पेशल कोर्डिनेटर फॉर तिब्बत मारिया ओटेरो और अन्य प्रतिनिधियों ने मैक्लोडगंज आकर दलाईलामा को बराक ओबामा की तिब्बत नीति के संबंध में जानकारी दी थी।
निर्वासित तिब्बत सरकार ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की मैक्लोडगंज यात्रा को सफल बताते हुए इसे तिब्बत के बेहतर भविष्य में सहायक करार दिया था।










