साल को सलाम, पांच नए काम
शिमला. प्रदेश में बनने वाली इमारतें अब सोलर पेसिव यानि सौर ऊर्जा बचाने की तकनीक से लैस होंगी। प्रदेश बनने वाली सरकारी, अर्ध सरकारी, शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के भवन, रिहायशी कॉलोनियों, व्यावसायिक परिसर, होटल, रिजॉर्ट, लॉज और गेस्ट हाउस की इमारतों में भी सोलर पेसिव तकनीक इस्तेमाल की जाएगा।
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के निदेशक रजनीश ने बताया कि नियम टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के अंतर्गत अर्बन और अरबनाइजेबल घोषित क्षेत्रों पर लागू होंगे। इसमें प्रदेश के बड़े शहरों के अलावा स्पेशल अर्बन डवलपमेंट अथॉरिटी (साडा) क्षेत्र भी शामिल हैं। जिला मुख्यालयों के अलावा पालमपुर, मनाली, धर्मशाला, बद्दी, बरोटीवाला और नालागढ़ जैसे शहरों में भी यह नियम लागू होंगे। इससे प्रदेश को होने वाली ऊर्जा की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।
स्काउट-गाइड ट्रेनिंग सेंटर
प्लासी में तीन करोड़ रुपए की लागत से प्रदेश का पहला स्काउट एंड गाइड ट्रेनिंग सेंटर बनेगा। प्रस्तावित सेंटर के लिए सरकारी भूमि से 962 छोटे-बड़े हरे पेड़ काटे जाएंगे। वन विभाग ने लैंड ट्रांसफर और पेड़ों के कटान की मंजूरी के लिए पीसीसीएफ के माध्यम से प्रस्ताव पर्यावरण एवं वन मंत्रालय उत्तरी क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ को भेजी है।
सेंटर के बनने से जहां प्रदेश के हजारों स्काउट एंड गाइड्स को इसका फायदा मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों का भी यहां आयोजन हो सकेगा। प्रदेश में अभी इस तरह के सेंटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सेंटर 5 हैक्टेयर भूमि पर बनेगा। जिस भूमि से पेड़ काटे जाएंगे, उसकी एवज में शिक्षा विभाग को दूसरी जगह 10 हैक्टेयर भूमि पर करीब 15 हजार पौधे लगाने पड़ेंगे। पौधे लगाने के लिए वन विभाग के पास कंपनसेटरी अमाउंट के रूप मंे 8 लाख रुपए जमा होंगे।
गोपालपुर में पक्षी विहार
वाइल्ड लाइफ विंग की ओर से सराहन पक्षी विहार में पर्यटकों की सुविधा के लिए सूचना केंद्र खोला जाएगा। इसके अलावा गोपालपुर में भी पक्षी विहार बनाया जाएगा। सूचना केंद्र में पर्यटकों को वन्य प्राणियों की प्रजातियों और अन्य दूसरी जानकारियां मिल सकेंगी। सराहन वाइल्ड लाइफ डिवीजन प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में वेस्ट्रन ट्रेगापैन (जाजुराणा) के लिए मशहूर है।
दारनघाटी और रूपी-भावा सेंक्चुरी में भी यह काफी तादाद में हैं। इसके अलावा इस डिवीजन में कोकलाश, मोनाल, चकोर, जंगली मुर्गा और अन्य प्रजातियों के पक्षी भी हैं। सराहन फीजेंटरी में तमाम पक्षियों को प्रजाति रखी गई है और प्रजनन भी हो रहा है। अब यहां वन्य प्राणियों के शौकीनों के लिए किसी तरह की पाबंदी नहीं रखी गई है। जल्द ही पक्षियों की प्रजातियों एवं उनकी खूबियों की जानकारी के लिए सूचना केंइ्र खोला जाएगा।
पुल से जुड़ेंगे तीन जिले
धर्मपुर क्षेत्र के सिद्धपुर में ब्यास नदी पर बनने वाला पुल तीन जिलों को आपस में जोड़ेगा। इस पुल के बनने से 26 किलोमीटर की दूरी कम होगी। पुल के निमार्ण को शीतकालीन सत्र में मंजूरी मिलेगी। हमीरपुर, मंडी जिले के धर्मपुर और जोगेंद्रनगर और कांगड़ा के बैजनाथ हलके के लोगों को इसके निर्माण में काफी राहत मिलेगी।
6 दशक से किश्ती के सहारे आर-पार जाने वाले लोगों के लिए यह मांग सिरे चढ़ी तो हमीरपुर, धर्मपुर, जोगेंद्रनगर और बैजनाथ के सौ गांवों और लांगणा, लडभड़ोल, नेरी, कांडापत्तन, सिद्धपुर, बहरी, समौड़, खदर, नालहड़ा, कोटला, कोठी, स्योह, तुलाह, स्योह, भोलग, सकलाना, ध्वाली, धलारा भूर आदि 20 पंचायतों के अलावा कमला और सिमसा जाने वाले हजारों लोगों को राहत प्रदान करेगा। लोग लंबे समय स इस क्षेत्र में पुल बनाने की मांग कर रहे थे।
पहली कुश्ती अकादमी
ग्रेट खली बुधवार को हमीरपुर पहुंचे । यहां पहुंचने पर लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। खली ने भी गाड़ी से बाहर आकर लोगों को अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद वह ज्वाली के लिए रवाना हो गए। हमीरपुर में खली ने कहा कि वह प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की अकादमी खोलेंगे। खली ने कहा कि अगले कुछ साल तक उनका राजनीति में जाने का कोई इरादा नहीं है। वह सारा ध्यान रेसलिंग पर है।
हालांकि उन्हें इस दौरे के दौरान कई राजनीतिक दलों से ऑफर भी मिले हैं। उन्होंने कहा कि रेसलिंग में कोई दिखावा नहीं होता। पिछली बार जब वह अपने भारत दौरे पर आए थे तो समय के अभाव के कारण वह अपने फैन से सही ढंग से नहीं मिल पाए थे, लेकिन इस बार वह लोगों से खूब दिल खोलकर मिल रहे हैं। वह 24 नवंबर को अमेरिका लौट जाएंगे।










