आखिर कब मिलेंगे वकीलों को चेंबर्स!
फरीदाबाद. प्रदेश की सबसे बड़ी बार का गौरव प्राप्त होने के बावजूद पिछले काफी समय से वकीलों के चेंबर्स के निर्माण की कशमकश आज भी जारी है, लेकिन अभी तक इसके निर्माण शुरू होने की कोई तारीख तय नहीं हो पाई है। यही नहीं इसके अभी तक टेंडर भी नहीं छोड़े गए हैं।
जिसके कारण हाल-फिलहाल में चेंबर्स के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती दिखाई नहीं दे रही है। यहां पर 1500 से अधिक वकील प्रैक्टिस करते हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चेंबर्स की साईट का डेढ़ साल पहले शुभारंभ किया था।
लेकिन इसके बाद इनका निर्माण अभी तक शुरू नहीं हो पाया। पिछली बार एसोसिएशन की अध्यक्षता में इन चेंबर्स के निर्माण के टंेडर भी आमंत्रित किए गए थे, लेकिन किसी कारणवश ये टेंडर नहीं छूट पाए और यह प्रक्रिया यहीं पर बंद हो गई।
सीएम ने किया था शिलान्यास
प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने 24 मई 2008 को प्रस्तावित चेंबर्स की साईट का शिलान्यास किया था। सीएम ने आश्वासन दिया था कि जल्द ही वकीलों को शानदार चेंबर्स मिल जाएंगे। चेंबर्स केलिए लगभग साढ़े चार एकड़ जमीन ली गई है।
वकीलों के प्रस्तावित चेंबर्स
सेक्टर 12 में 4.5 एकड़ पर सात मंजिला चेंबर्स बनाए जाएंगे। यह जमीन थाना सैंट्रल के सामने है। इस सात मंजिला बिल्डिंग में कुल 480 चेंबर्स होंगे, जिसमें 960 वकीलों के बैठने की जगह होगी। एक चेंबर में दो वकीलों की सीटें हांेगी। इसमें दो लिफ्ट लगाई जाएंगी और हर मंजिल पर शौचालय होंगे।
क्या कहते हैं वकील
वरिष्ठ अधिवक्ता डीपी भड़ाना ने बताया कि वकीलों के लिए चेंबर्स बहुत जरूरी हो गए हैं और इनके निर्माण में हो रही देरी और भी चिंता का विषय बनी हुई है। आज वकील कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित है और यहां वकीलों को गर्मी, सर्दी व वर्षा तीनों सीजन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए जल्द से जल्द चेंबर्स बन जाने चाहिए।
बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जेपी अधाना ने बताया कि उन्होंने चेंबर्स की जमीन की मंजूरी दिलाकर इसको जल्द से जल्द पास करवाने का भरसक प्रयास किया। उसके कार्यकाल में इस जमीन की एवज में सरकार की तरफ से 19 करोड़ 70 लाख रुपए जमा भी करा दिए गए थे।
चेंबर्स के निर्माण के लिए वह लगातार दो साल चंडीगढ़ के चक्कर लगाते रहे और काफी प्रयास किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस साईट का शिलान्यास किया। यंग लायर्स क्लब के प्रधान विकास वर्मा ने बताया किआज वकीलों के लिए चेंबर्स का जल्द से जल्द निर्माण जरूरत बन गया है।
बिजेंद्र कौशिक एडवोकेट ने बताया कि चेंबर बन जाने से वकीलों को काफी सहुलियत होगी। अनिल पाराशर ने बताया कि प्रदेश में सबसे बड़ी बार होने के बावजूद यहां पर चेंबर न होना एक आश्चर्यजनक है, इसलिए जल्द से जल्द चेंबर्स बनने चाहिएं।
क्या कहते हैं प्रधान
बार एसोसिएशन के प्रधान राधेश्याम पाराशर ने बताया कि वे जल्द ही इस बारे में एक मीटिंग का आयोजन करेंगे। जिसमें चेंबर्स का अहम मुद्दा रखा जाएगा। उनका पूरा प्रयास है कि जल्द ही चेंबर्स बनाने केलिए टेंडर छोड़ दिए जाएंगे। चेंबर्स के लिए उनके पास लगभग एक करोड़ पांच लाख रुपए है। इसके अलावा वकील अपना-अपना सहयोग देने को पूरी तरह से तैयार हैं।










