अब बादल विरोधियों पर डोरे
चंडीगढ़. हरियाणा की अलग एसजीपीसी के मुद्दे पर जगदीश सिंह झिंडा ने अब नया पैंतरा अपनाया है। इस समय झिंडा व उनके समर्थक शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के बादल विरोधी गुट तथा देश भर में फैले सिख नेताओं के संपर्क में हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से झिंडा समर्थक राज्य भर में एसजीपीसी के विरोधी गुट के सदस्यों व देश भर के सिख बादल विरोधी सिख नेताओं के पास जाकर हरियाणा में अलग कमेटी के लिए हिमायत मांग रहे हैं। याद रहे कि अलग एसजीपीसी का मामला पिछले कई माह से पंजाब व हरियाणा के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जगदीश सिंह झिंडा का प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से मिलने का प्रोग्राम है। झिंडा की कोशिश है कि इन लोगों को अपने हक में करके डॉ. मनमोहन सिंह से मिलवाया जाए जिससे कि हरियाणा में दिल्ली की तर्ज पर अलग एसजीपीसी का गठन हो सके। झिंडा का मानना है कि हरियाणा की अलग एसजीपीसी का गठन करने का दावा करने के बाद मुख्यमंत्री हुड़्डा का मामले में ठंडे हो जाने का कारण डॉ. मनमोहन सिंह ही हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री बादल ने इसके लिए हुड्डा पर दवाब डलवाया है।
इस समय हैं कुल 181 सदस्य
जानकारी के अनुसार एसजीपीसी के कुल 185 सदस्यों में से चार की मौत हो चुकी है तथा शेष सदस्यों में से 132 का संबंध अकाली दल बादल के साथ है। शेष सदस्यों में अकाली दल 1920, अकाली दल (अ) व निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं। जगदीश सिंह झिंडा विरोधी दल के इन्हीं सदस्यों पर डोरे डाल रहे हैं।
सभी को लेकर पीएम से मिलेंगे : झिंडा
एसजीपीसी (एडहॉक) के प्रधान जगदीश झिंडा ने कहा कि अलग एसजीपीसी मामले में हरियाणा सरकार पर पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का दवाब है। वे इस समय अकाली दल के सभी विरोधी एसजीपीसी सदस्यों के साथ साथ देश भर के सिख नेताओं के संपर्क में हैं। जिससे कि उन्हें हरियाणा की अलग एसजीपीसी के संबंध में जागरुक करके हिमायत हासिल कर प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को मिला जाए ताकि हरियाणा की अलग एसजीपीसी के गठन का रास्ता साफ हो सके।










