कैंट बोर्ड बढ़ाएगा टैक्स
अम्बाला . कैंटोनमेंट बोर्ड अपने क्षेत्र के बाशिंदों को झटका देने को तैयार है। आने वाले कुछ ही महीनों में बोर्ड हाउस टैक्स बढ़ाने वाली है। टैक्स बढ़ाने के लिए कार्रवाई हो गई है और बोर्ड के टैक्स विंग के कर्मचारी हिसाब-किताब लगा रहे हैं। महंगाई के बोझ तले लगातार दबते जा रहे नागरिकों के लिए हाउस टैक्स का बढ़ना किसी झटके से कम नहीं होगा।
कैंटोनमेंट बोर्ड एक्ट 2006 के तहत बोर्ड द्वारा हाउस टैक्स बढ़ाने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। हाउस टैक्स बढ़ाने के लिए बोर्ड क्षेत्र में पड़ने वाले हर रिहायशी और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों का पुराना टैक्स खंगाला जा रहा है। हिसाब-किताब लगाकर नई दरों से लागू होने वाला टैक्स जनता पर थोप दिया जाने वाला है।
इस कार्य के लिए टैक्स विंग के कर्मियों को लगाया गया है जोकि फील्ड में जाकर हाउस टैक्स का अस्समेंट (मूल्यांकन) कर रहे हैं। अस्समेंट के बाद ही तय हो पाएगा कि किस स्थान का कितना हाउस टैक्स बढ़ा है। मोटे अनुमान के अनुसार के बोर्ड क्षेत्र में टैक्स 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ने के आसार है जोकि 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी होगा। रईस बंगला मालिकों पर शायद हाउस टैक्स वृद्धि का असर न पड़े, लेकिन कालोनियों में रहने वाले नागरिकों के लिए यह दोहरी मार से कम नहीं होगा।
ढाई हजार यूनिट बोर्ड क्षेत्र में
कैंटोनमेंट बोर्ड क्षेत्र में इस समय लगभग 2500 छोटे-बड़े यूनिट (मकान और व्यवसायिक) प्रतिष्ठान हैं। इनमें माल रोड, स्टाफ रोड और अन्य क्षेत्रों में 120 से ज्यादा बंगले भी हैं। 61 हजार जनसंख्या वाले बोर्ड क्षेत्र में आधे सिविलियन रहते हैं जिनपर हाउस टैक्स वृद्धि का असर पड़ना तय है। वैसे कैंटोनमेंट बोर्ड की आय का मुख्य स्त्रोत सर्विस टैक्स ही रहा है, मगर हर साल बोर्ड को हाउस टैक्स से 32 लाख तक कमाई हो जाती है।
दोहरी मार बोर्ड क्षेत्र निवासियों पर
हुड्डा सरकार ने हाउस टैक्स माफ करने की घोषणा की थी। नप सीमा में हजारों लोगों के हाउस टैक्स तक माफ हुए, मगर साथ लगते कैंट बोर्ड क्षेत्र में इस योजना का लाभ नहीं पहुंचा। सदन में इस योजना का लाभ बोर्ड बाशिंदों को देने के प्रस्ताव को ठुकराया गया था।
हाउस टैक्स माफ के प्रयास करेंगे
विधायक अनिल विज ने कहा कि टैक्स वृद्धि बर्दाश्त नहीं करेंगे। वर्ष 2000 में वह विधायक थे तो प्रदेश सरकार ने चुंगी कर माफ किया था मगर कैंटोनमेंट बोर्ड ने अपने क्षेत्र में इसे लागू नहीं किया था। उन्होंने मामले को उठाया था जिसके बाद कैंटोनमेंट बोर्ड को चुंगी कर माफ करना पड़ा था। अब प्रदेश सरकार ने हाउस टैक्स माफ करने की घोषणा की है जिसे बोर्ड क्षेत्र मे लागू कराने के प्रयास करेंगे। एक शहर में दो कानून नहीं चल सकते।
कैंटोनमेंट बोर्ड एक्ट के अनुसार हाउस टैक्स बढ़ाने की कार्रवाई की जा रही है। बोर्ड क्षेत्र को अलग-अलग जोन में विभाजित कर अस्समेंट कर रहे हैं। हाउस टैक्स अप्रैल 2010 से प्रभावित होगा। कैंटोनमेंट एक्ट के अनुसार हर तीन साल बाद हाउस टैक्स में वृद्धि की जाती है। - रमनदीप सिंह, सीईओ, कैंटोनमेंट बोर्ड, अम्बाला।










