मेडिकल कॉलेज अधर में
भोपाल. राजधानी में निशातपुरा स्थित रेलवे अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील करने का प्रस्ताव पश्चिम मध्य रेलवे और रेल मंत्रालय के अधिकारियों के बीच अटक गया है। उधर, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा प्रस्ताव आने पर विचार करने के आश्वासन के बाद भी जेपी अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील करने का प्रस्ताव चिकित्सा शिक्षा विभाग को नहीं भेजा है।
दूसरी ओर निर्माणाधीन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण के टेंडर जारी होने के बाद इसे पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
प्लानिंग रिपोर्ट का इंतजार: निशातपुरा स्थित रेलवे अस्पताल को मेडिकल कॉलेज बनाने का केंद्र सरकार का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के पास अटका हुआ है। केंद्रीय रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भोपाल सहित पूरे देश में रेलवे के 18 मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की थी।
रेल मंत्रालय ने पश्चिम मध्य रेलवे प्रबंधन से भोपाल में अस्पताल के नजदीक 25 एकड़ जमीन की मांग की थी। मंडल प्रबंधन ने निशातपुरा स्थित रेलवे अस्पताल के नजदीक बनी कोच फैक्ट्री की 25 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की जानकारी दो माह पहले ही भेज दी है। अधिकारी मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्लानिंग रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
प्रस्ताव ही नहीं, तो चर्चा कैसे: जेपी को मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव अभी तैयार ही नहीं हुआ है। यह स्थिति तब है जब मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि इसके प्रस्ताव पर वे गंभीरता से विचार करेंगे।
अधिकारियों ने कहा
जेपी अस्पताल प्रबंधन ने अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील करने का प्रस्ताव अभी नहीं भेजा है। अस्पताल से प्रस्ताव आने पर उसे जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में रखा जाएगा।
डॉ. दीपेश वर्मा, सीएमएचओ
रेल मंत्रालय ने रेलवे अस्पताल के नजदीक 25 एकड़ जमीन मांगी थी। जमीन की उपलब्धता की सूचना मंत्रालय अधिकारियों को दे गई है। तब से अब तक मंत्रालय से मेडिकल कॉलेज के संबंध में कोई निर्देश नहीं मिला है।
पीके अग्रवाल, डीआरएम, भोपाल रेल मंडल










