बाजार शिफ्टिंग पर विवाद के बादल
रायपुर. गुढ़ियारी के थोक बाजार को शिफ्टिंग करने के मसले पर व्यापारी अलग-अलग धड़ों में बंट गए हैं। बुधवार को इस मसले पर रायशुमारी की गरज से बुलाई गई बैठक बेनतीजा रही। व्यापारियों का एक गुट गुढ़ियारी छोड़ना नहीं चाहता। एक गुट को डूमरतराई में बसना पसंद है। तीसरा धड़ा रावांभाठा में बाजार ले जाना चाहता है।
व्यापारियों के अलग-अलग विचारों के कारण निर्णय नहीं लिया जा सका। कुछ दिनों बाद व्यापारियों की दोबारा बैठक होगी। गुढ़ियारी थोक व्यापारी संघ के सचिव अजरुनदास ओचवानी ने बताया कि यह गंभीर मसला है। इस तरह के मामलों में इतनी जल्दी निर्णय संभव नहीं है। अभी बैठकों का दौर चलेगा। बताते हैं कि संघ ने यहां के सभी दो सौ व्यापरियों को बैठक में आमंत्रित किया था।
शाम 4 बजे व्यापारी जगन्नाथ मंदिर के परिसर में इकट्ठा हुए। संघ के पदाधिकारियों ने व्यापारियों को गृह निर्माण मंडल के प्रस्ताव की जानकारी दी। व्यापारियों को बताया गया कि मंडल की ओर से 18 लाख की कीमत पर दो मंजिला दुकानें बनाकर देने का प्रस्ताव भेजा गया है। खबर है कि ज्यादातर व्यापारी दुकानों की कीमत सुनकर ही हैरत में पड़ गए। उनका कहना था कि इतनी महंगी दुकानें खरीदना उनके बस में नहीं है।
कुछ व्यापारियों ने प्रस्ताव रखा कि सरकार केवल जमीन मुहैया करवा दे, हम अपनी सहूलियत के अनुसार दुकानें बनवा लेंगे। गृह निर्माण मंडल के प्रस्ताव को सुनने के बाद व्यापारियों के एक धड़े ने रावांभाठा का नाम सुझाया। उन्होंने व्यापारियों को बताया कि एक प्राइवेट पार्टी यहां दो सौ दुकानें बनवाकर देने को तैयार है। इस प्रस्ताव पर भी सभी सहमत नहीं हो सके। कुछ व्यापारियों का कहना था कि हम अपनी जमीन पर व्यापार कर रहे हैं कोई जबरदस्ती कारोबार बंद नहीं करवा सकता। व्यापारियों का एक गुट रायपुर-बेरला रोड पर पठराडीह में मार्केट बसाने की सिफारिश कर रहा था। कई तरह के विचार आने के बाद बैठक स्थगित कर दी गई।










