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Thursday, Nov 19th, 2009, 4:26 am [IST]  

danik bhaskarवीआईपी पार्टी में नहीं चली गोली!

भास्कर न्यूज

जालंधर. वीआईपी पार्टी विवाद में बुधवार को अहम खुलासा हुआ, कई दिन से चर्चा का विषय बनी पार्टी में फोरैंसिक रिपोर्ट के मुताबिक गोली चली ही नहीं थी। अब शिकायतकर्ता रणबीर सिंह शैली के बयान पर सवालिया निशान लग गया है। केस में नामजद हेमंत बेरी और अभय ठाकुर और हेमंत के पिता के जब्त वैपन से भी कोई गोली न चलने की रिपोर्ट पहले ही आ चुकी है।



रिवाल्वर से चली गोली का खोल कारतूस जमीन पर गिरने की बात पुलिस को हजम नहीं हो रही थी। हाई प्रोफाइल मामले में सच्चई जानने के लिए पुलिस ने फोरैंसिक जांच करवाई। जल्द पुलिस अधिकारिक तौर पर मामले से पर्दा उठा सकती है। एसपी सिटी वन एस.के कालिया ने कहा था कि छानबीन की जाएगी कि मौके पर कारतूस का खोल कहां से आया था।



गौरतलब है कि 4 नवंबर को फोरैंसिक साइंस लैब के असिस्टैंट डायरैक्टर एच.एम. भटनागर और डॉ. दविंदर पाल सहगल की टीम ने मौका-ए-वारदात से नमूने लिए थे। अब शिकायकर्ता शैली अब कोई भी प्रतिक्रिया देने से गुरेज कर रहे हैं।



मेहमान भी बनेंगे जांच का हिस्सा : उद्योगपति पूर्णिमा बेरी के बेटे हेमंत बेरी पर गोली चलाने का आरोप लगाने वाला उद्योगपति रणबीर सिंह खुद शक के घेर में आ गया है। पुलिस पार्टी में आए मेहमानों को भी जांच में तलब करेगी। पुलिस खासकर उन मेहमानों को पहले तलब करेगी, जो शैली के करीबी हैं और जिनके पास लाईसैंसी वैपन हैं।



जांच में मारपीट आई थी : 30 अक्तूबर की देर रात वीआईपी पार्टी में मारपीट के बाद गोली चलाने की बात कहकर सनसनी फैलाने वाले शैली के बयान पर पुलिस को पहले से ही शक था। जब पुलिस मौके पर गई तो पार्टी चल रही थी। पुलिस का यह मानना था कि अगर भरी महफिल में गोली चली होती तो वहां भगदड़ मच जाती। वेटरों और अन्य लोगों से की गई पूछताछ में हेमंत बेरी और शैली के बीच मारपीट की बात ही सामने आई थी। पुलिस ने शैली के बयान पर एफआईआर दर्ज की थी।



क्या कहती फोरैंसिक रिपोर्ट



घटना के पांच दिन बाद टीम ने मौका-ए-वारदात कुछ नमूने लिए थे, जिन्हें खंगाला गया था तो गोली चलने का पुख्ता प्रमाण सामने नहीं आया। होटल में मौजूद पीड़ित शैली ने फोरैंसिक टीम को घटना स्थल और हालात की जानकारी दी थी। वहीं से टीम ने कुछ नूमने लिए थे। रिपोर्ट में कहा गया है कि नमूने से गोली चलने वाली बात न के बराबर है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि यह तय करना बेहद मुश्किल है कि गोली होटल में चली थी या नहीं।

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