रिंग से साधा लटका हुआ मोतियाबिंद
जबलपुर. दुर्घटना में क्षतिग्रस्त प्राकृतिक लैंस जो कि पीछे की ओर लटक गया था, उसे जटिल माइक्रोस्कोपिक नेत्र सर्जरी की गई। सर्जरी के बाद बालिका की हालत ठीक है। जानकारी के अनुसार कटनी जिले के अन्तर्गत रहने वाली 20 वर्षीय रोशनी जिसे सन् 2002 में खेलते समय आंख में तार लग गया था और उसका प्राकृतिक लैंस क्षतिग्रस्त हो गया था।
महानगरों में लम्बे इलाज के बाद भी उसकी नेत्र पीड़ा ठीक नहीं हुई। जिसके बाद वह जन ज्योति सुपर स्पेशिलिटी क्लीनिक उपचार के लिए पहुंचीं। जहां पर डॉ. पवन स्थापक द्वारा उसका नेत्र परीक्षण किया गया।
डॉ. स्थापक के अनुसार अत्यंत ही जटिल शल्य क्रिया से पहले लटके हुए मोतियाबिंद को सीटीआर रिंग से फिक्स किया गया और स्टेलेरिस एमआईसीएस तकनीक द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन करके माइक्रो इनसीजन लैंस का प्रत्यारोपण किया।
जिसके बाद रोशनी अब उस आंख से अच्छी तरह देख सकती है। उक्त बालिका की आर्थिक स्थिति अत्यंत ही गंभीर थी अत: उसका चिकित्सा खर्च पूर्व मंत्री सत्येन्द्र पाठक एवं डॉ. पवन स्थापक द्वारा व्यय किया गया।











