Thursday, Nov 19th, 2009, 4:51 am [IST]  

danik bhaskarएक और कोच के लिए भी नहीं बची है अब जगह!

Bhaskar Correspondent

indoreइंदौर. इंदौर के रेलवे स्टेशन पर बढ़ते यात्रियों दबाव के बाद दरकार है नए स्टेशन की। यहां ब्रॉडगेज लाइन के तीन प्लेटफॉर्म का जितना विस्तार किया जा सकता था रेलवे ने कर दिया। अब एक कोच के लिए भी प्लेटफॉर्म विस्तार की जगह नहीं दिखाई देती है। ऐसे में राजेंद्रनगर में नया टर्मिनस विकसित कर समस्या सुलझाई जा सकती है।



इंदौर रेलवे स्टेशन का आकार पहले ही घुमावदार है। इसके एक सिरे पर पटेल व दूसरे पर शास्त्री ब्रिज है। मीटरगेज के प्लेटफॉर्म नं. एक और दो को छोड़कर ब्रॉडगेज के तीनों प्लेटफॉर्म घुमावदार हैं। घुमावदार पटरियां होने से अकसर दुर्घटना का भय बना रहता है।



स्टेशन का बरसों पुराना इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान जरूरतों के लिहाज से छोटा पड़ता है। यहां का सीवरेज सिस्टम खराब हो चुका है। प्लेटफॉर्म नं. पांच के विस्तारीकरण के दौरान चेंबर बंद हो गया था जिससे समस्या काफी बढ़ गई। अब स्टेशन का गंदा पानी बाहर नहीं जा पाता है और चोक लाइन की साफ-सफाई में भी रेलवे को काफी परेशानी होती है।



कैसे चल पाएगी 26 कोच की ट्रेन



रेलवे मामलों के जानकार नागेश नामजोशी के अनुसार प्लेटफॉर्म का जितना विस्तार कर सकते थे, वह रेलवे कर चुका है। अब आधा डिब्बे के लिए भी प्लेटफॉर्म बढ़ाने की जगह नहीं बची है। भविष्य में यहां से 26 कोच की ट्रेन चलाई जाएगी। आसपास के शुजालपुर, ब्यावरा, मंदसौर जैसे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म इसी क्षमता के अनुरूप ही बनाए जा रहे हैं जबकि इंदौर में यह संभव नहीं है। यदि राजेंद्रनगर में नया टर्मिनस बनाया जाए तो यहां से 26 कोच की ट्रेन चलाई जा सकती है।

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