सरेराह अंगुलियां काटीं
इंदौर. रिवाल्वर और तलवारों से लैस दो आरोपियों ने बुधवार दोपहर अवंतिका रहवासी संघ के अध्यक्ष पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने बाद में गोली भी चलाई। वहां से गुजर रहे बाणगंगा थाने के आरक्षक और लोगों ने उन्हें पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे उन पर रिवाल्वर तानकर फरार हो गए। पुलिस ने दो घंटे के अंदर एक हमलावर सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी फरार है।
भागीरथपुरा चौकी के आरक्षक देवचंद्र यादव के अनुसार दोपहर पौने दो बजे वे पोलोग्राउंड रोड से जा रहे थे। अहिल्याश्रम स्कूल के सामने एक व्यक्ति पर दो युवक तलवारें चला रहे थे। यादव बाइक रोककर उनकी ओर बढ़े ही थे कि उन्हें गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बदमाशों ने उन्हें रिवाल्वर अड़ाकर धमकाया।
इस दौरान वहां से गुजर रहे लोगों ने आरोपियों पर पत्थर मारे तो उन्होंने उनकी ओर भी रिवाल्वर तान दी और बाइक से फरार हो गए। आरक्षक ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर अधिकारियों सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। आरक्षक ने बताया आरोपियों में करीब 30 साल का युवक नकाब में था व दूसरा लगभग 20 साल का था।
ऑफिस जा रहे थे- घटनास्थल पहुंचे मरीमाता चौराहा निवासी राजू लड्ढा ने बताया घायल अवंतिकानगर निवासी उनके जीजा सचिन पिता लक्ष्मीनारायण शुक्ला (42) हैं। उन्होंने बताया सचिन श्रम विभाग में लिपिक और अवंतिका रहवासी संघ के अध्यक्ष हैं। वे एक्टिवा (एमपी-क्९ एसबी-8784) से ऑफिस जा रहे थे।
पेपर में लपेटकर ले गए अंगुली
घायल के भाई अश्विनी शुक्ला ने बताया आरोपियों ने सचिन के बांए हाथ की चारों अंगुलियां काट दीं। दो अंगुलियां अलग हो गईं। परिजन कटी अंगुली पेपर में लपेटकर अस्पताल ले गए।
शिकायत करने पर हमला
श्री शुक्ला ने बताया वृंदावन कॉलोनी निवासी मनोहर प्रजापत का सचिन के घर के पास प्लॉट है। उसने वहां अतिक्रमण कर तीन दुकानें बना रखी हैं। सचिन ने नगर निगम में इसकी शिकायत की थी। दो दिन पहले निगम की टीम अतिक्रमण तोड़ने आई थी, लेकिन बिना कार्रवाई के लौट गई। उन्होंने कहा इसी कारण मनोहर ने हमला किया।
सिर मुंडवा लिया
सीएसपी शैलेंद्रसिंह चौहान ने बताया दो घंटे में दो आरोपियों को पकड़ लिया गया। पुलिस को पता चला कि मनोहर ने अपने नौकर दीपक पिता ओमप्रकाश (23) के साथ हमला किया था। मनोहर का बेटा नीरज मोबाइल से सचिन की लोकेशन दे रहा था। पुलिस ने नीरज को घर से पकड़ा और उससे दीपक को मोबाइल लगवाकर उसे भी पकड़ लिया। हुलिया छुपाने के लिए दीपक ने हमले के बाद सिर मुंडवा लिया था।










