चुनाव प्रचार का जोश स्वाइन फ्लू का खौफ
पाली. मारवाड़ सूबे में तेजी से फैल रही स्वाइनफ्लू की बीमारी का खौफ नगर परिषद चुनाव में भी साफ नजर आ रहा है। चुनाव मैदान में डटे उम्मीदवार, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व उनके समर्थक गली मोहल्लों में चुनाव प्रचार के लिए जाते वक्त मुंह पर मास्क लगाकर मतदाताओं के द्वार-द्वार धोक लगा रहे हैं। सात समंदर पार से पुणे (महाराष्ट्र) से होते हुए मारवाड़ सूबे तक पहुंची इस खौफनाक बीमारी के पाली में दस्तक देने के बाद यहां के नागरिक भी चेत गए हैं।
चुनाव प्रचार में भी इसका असर रफ्ता-रफ्ता नजर आने लगा है। कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार भी अपने मुंह पर मास्क लगाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। गले में अपने समर्थक उम्मीदवार का दुपट्टा डाले यह लोग गली मोहल्लों में घूम कर वोटों का जुगाड़ बिठा रहे हैं। लगभग आधे से ज्यादा वार्डो में यह स्थिति है। प्रचार के दौरान अगर कोई इनको जुखाम या बुखार से पीड़ित मतदाता भी नजर आता है तो उसे इलाज की सलाह देने से भी नहीं चूक रहे।
दुकानों पर रोज एक हजार मास्क की बिक्री
तीन दिन पहले प्यारा चौक क्षेत्र में स्वाइन फ्लू की एक मरीज मिलने के बाद दवा दुकानों पर मास्क की बिक्री में भी यकायक बढ़ोतरी हो गई है। प्रतिदिन करीब एक हजार से अधिक मास्क की बिक्री हो रही है। प्यारा चौक सहित आसपास के क्षेत्रों में तो उम्मीदवार तथा उनके समर्थक भी बिना मास्क प्रचार करने से गुरेज कर रहे हैं।
दवा विक्रेता लुंबाराम चौधरी के अनुसार अधिकतर मास्क खरीदारों में उम्मीदवार व उनके समर्थक भी हैं। इसके साथ ही बांगड़ अस्पताल में भी मास्क की सप्लाई में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हो रही है। अस्पताल में चार घंटे तक लगाने वाले मास्क उपलब्ध हैं। यहां से प्रतिदिन तीन सौ से चार सौ मास्क मरीजों को ऐहतियात के तौर पर दिए जा रहे हैं।
आकर्षण का केंद्र बने मास्क वाले कार्यकर्ता
चुनाव प्रचार के लिए घरों में दस्तक देने के लिए पहुंच वाले राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता व उम्मीदवार के चेहरों पर मास्क होने के कारण यह लोग आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। बच्चे भी कोतुहलवश टकटकी लगाए इन लोगों को देख रहे हैं। कई महिलाएं तो प्रचार के लिए आने वाली महिलाओं से यह भी जानकारी ले रही हैं कि मास्क उन्होंने क्यों बांधा है।










