अफसर पर दोहरे बोझ से नाराज
उज्जैन. बंद कमरे में करीब दो घंटे संभागायुक्त टी. धर्माराव ने नगर निगम के अफसरों की क्लास ली। इस दौरान रिकॉर्ड देखे और हिदायतें दीं। एक अफसर पर दोहरा बोझ होने पर नाराजगी जाहिर की।
श्री राव बुधवार को निगम के रोस्टर निरीक्षण के लिए दोपहर ३ बजे पहुंचे थे। निगमायुक्त कार्यालय में करीब २ घंटे तक कार्यो का अवलोकन किया और रिकॉर्ड भी मंगाए। सूत्रों की मानें तो उन्होंने स्थापना के कामों पर नाराजगी ज्यादा जताई।
जब उन्हें पता चला कि स्थापना और लेखा शाखा के एक ही प्रभारी डीआर जीनवाल हैं तो उन्होंने स्थापना प्रभारी को बदलने का निर्देश दिया। अवलोकन के दौरान सेवा सत्यापन नहीं होने, अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरण लंबित रहने, डुप्लीकेट सेवा पुस्तिकाएं न बनने, रोस्टर संधारित नहीं होने पर नाखुशी जाहिर की।
उन्होंने कैशबुक देखी और कार्यालय का राउंड लिया। प्रयोगशाला भी देखी। निरीक्षण शाम ५ बजे तक चला। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त चंद्रमौली शुक्ला सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
आठ साल बाद निरीक्षण: निगम का निरीक्षण करीब आठ साल के लंबे अंतराल बाद संभागायुक्त द्वारा किया गया। इसके पूर्व २क्क्१ में तत्कालीन संभागायुक्त स्वर्णमाला रावला ने निगम कार्यालय का रोस्टर निरीक्षण किया था। रावला शाम ५ बजे पहुंची थीं और देर रात तक निरीक्षण किया था। निरीक्षण लंबे अंतराल से नहीं होने पर कुछ रिकॉर्ड भी अपडेट नहीं हो सके हैं।
.. और वे पकड़ में आ गए: लेखाधिकारी और स्थापना प्रभारी धर्मराज जीनवाल के विभागों की सबसे पहले फाइलें खुलने से वे पकड़ में आ गए। चर्चा है कि जीनवाल ईमानदारी से काम करते हैं। कुछ कर्मचारियों का मानना है उनसे एक विभाग लेने पर ढर्रा बिगड़ सकता है।
अतिक्रमण मुहिम आगे बढ़ाओ: चामुंडा माता मंदिर चौराहे से अस्पताल के मुख्य गेट तक मंगलवार को अतिक्रमण हटाने की मुहिम से श्री राव खुश नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि इसे आगे भी बढ़ाओ। सफाई अभियान और आवारा मवेशियों को पकड़ने की मुहिम भी चलाने का निर्देश दिया।



