ऑनलाइन मिल रहे पीएचडी के फार्म
बिलासपुर. सेंट्रल यूनिवर्सिटी में पहली बार हो रही पीएचडी प्रवेश परीक्षा के फार्म ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। 3 जनवरी से शुरू हो रही प्रवेश परीक्षा का पैटर्न पहले से अलग होगा। प्रवेश परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन होगा। शोध करने वाले छात्रों के लिए इंट्रेस एग्जाम लक्ष्मण रेखा होगी।
पीएचडी की डिग्री के लिए पहली बार सेंट्रल यूनिवर्सिटी में प्रवेश परीक्षा ली जा रही है। परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद ही उनके लिए पीएचडी करने का आगे का रास्ता साफ होगा। इसके बाद डिग्री लेने के लिए भी उन्हें अपनी पूरी काबिलियत दांव पर लगानी होगी। रजिस्टर्ड होने के बाद भी 200 दिनों तक अपने शोध निर्देशक के साथ रहकर अपनी काबिलियत दांव पर लगानी होगी और संबंधित विषय पर शोध करना होगा। सामान्य आवेदक के स्टुडेंट को 600 रुपए तथा आरक्षित वर्ग के स्टूडेंट को 250 रुपए का शुल्क लिया जा रहा है। पीएचडी के लिए दो ऑप्शन है। इसमें एमफिल के साथ इंटिग्रेटेड कोर्स के साथ पीएचडी की जा सकती है, लेकिन जिन पाठ्यक्रमों में एमफिल का प्रावधान नहीं है।
वे भी सीधे पीएचडी के लिए इंट्रेस एग्जाम दे सकते हैं। एमफिल करके पीएचडी करने वाले के लिए न्यूनतम 18 माह से 6 साल तक की अवधि है, जबकि कालेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर 18 माह में भी पीएचडी कर सकते हैं। पीएचडी करने वालों को 200 दिनों तक लगातार अपने शोध निर्देशक के साथ काम करने के दौरान प्रति माह 5000 रुपए स्कॉलरशिप मिलेगी।










