ये ‘देस’ हुआ बेगाना
जोधपुर. इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन (आईओसी) की भीषण आग के नुकसान तो लंबे समय तक क्षेत्र वालों को झेलने ही हैं लेकिन इसका बुरा असर विदेशी प्रवासी पक्षियों पर भी नजर आने लगा है। जयपुर से 30 किलोमीटर दूर चांदलाई जलग्रहण क्षेत्र के आसपास 25 अक्टूबर तक 2500 फ्लेमिंगो आने की पुष्टि की गई थी वहीं अब इनकी संख्या महज 150 बची है।
इस बात को मानते हुए जयपुर साउथ के असिस्टेंट कंजर्वेटर सुरेश शर्मा कहते हैं कि नवंबर के दौरान इनके आने का दौर चलता है लेकिन आग की घटना के बाद से इनके आने में भारी गिरावट देखी गई है। वे 2500 फ्लेमिंगो में से अब केवल 150 बचने को लेकर भी आश्चर्य जताते हैं। वहीं एक्सपर्ट्स का कहना है कि धुएं के भारी बादलों के चलते इन पक्षियों ने इलाके को छोड़ दिया है।
इस मामले में सरकारी अफसरों का कहना है कि क्षेत्र के जीव-जंतुओं और वनस्पति पर पड़े प्रभाव को विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही समझा जा सकेगा। पर्यावरण के प्रिंसिपल सेकेट्ररी वीएस सिंह कहते हैं कि हम सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल लेबोरेटरी दिल्ली द्वारा जारी की जाने वाली रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अभी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता।
उनका कहना है कि एसिड रेन, महामारी के खतरे और ओजोन परत के नुकसान को लेकर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं लेकिन हम तब तक इसके प्रभावों के बारे में कुछ नहीं कह सकते जब तक सीपीसीबी अपनी रिपोर्ट नहीं दे देता।










