...तो हो सकते हैं फेफड़े छलनी
पानीपत. अगर आपकी उम्र 35 साल से अधिक है और आप धूम्रपान करते हैं। साथ ही आपको लगातार कई दिन से खांसी, बलगम, सांस लेने में घुटन महसूस होती है तो सावधान हो जाइए। लापरवाही बरतने पर आपके फेफड़े छलनी हो सकते है। देर हुई तो मौत भी दस्तक दे सकती है।
चिकित्सा विज्ञान इसे सीओपीडी की संज्ञा देता है। यानि क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज। 18 नवंबर को डब्ल्यूएचओ इसे विश्व सीओपीडी दिवस के रूप में मनाता है। चेस्ट स्पेशलिस्ट डा. राकेश मित्तल ने बताया कि सीओपीडी एक फेफड़े की बीमारी है, जिसमें सांस की नलियां सिकुड़ जाती है।
उसमें धीरे-धीरे सूजन आती है जो कि निरंतर बढ़ती रहती है। जिससे आगे चलकर फेफड़े छलनी हो जाते है। विश्व में यह बीमारी गंभीर बनती जा रही है। सीओपीडी के मुख्य लक्षण सांस का फूलना एवं लगातार बलगमयुक्त खांसी का आना है। सांस का फूलना प्रारंभ में थोड़ा तेज चलने पर या सीढ़ियां चढ़ने पर होता है।
परंतु जैसे-जैसे बीमारी में वृद्धि होती है, वैसे वैसे मरीज अपनी सामान्य दिनचर्या करने में भी असमर्थ हो जाता है। सीओपीडी फेफड़ों के अतिरिक्त शरीर के अन्य भागों पर भी प्रभाव डालती है। जैसे मांसपेशियां, हड्डियां का कमजोर होना, खून की कमी होना व दिल पर प्रभाव डालना। भारत में सर्वे के अनुसार करीब एक करोड़ 30 लाख लोग इससे पीड़ित है।










