महापौर व पार्षद प्रत्याशियों पर खर्च की पाबंदी नहीं
जोधपुर. स्थानीय निकाय चुनावों में अन्य चुनावों की तरह खर्च की पाबंदी नहीं रखी गई है। महापौर व पार्षद पद के प्रत्याशी चुनावों में असीमित खर्चा करने के लिए स्वतंत्र रहेंगे। हालांकि निर्वाचन आयोग ने बैनर पोस्टर छपवाने और उन्हें प्रदर्शित करने के मामले में कुछ सीमाएं निर्धारित कर रखी हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार मात्र बैनर और पोस्टर पर्चो के बारे में ही खर्च की सीमा निर्धारित की गई है।
महापौर, सभापति और अध्यक्ष पद के लिए अलग और पार्षद पद प्रत्याशियों के लिए अलग खर्च सीमा की अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। दोनों के प्रावधान मोटे तौर पर लगभग समान हैं। इनमें चुनाव में किए जाने वाले अन्य खर्च के बारे में कोई उल्लेख नहीं किया गया है। आयोग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रत्याशियों को गाड़ियों के बारे में सूचना देकर उनके लिए अनुमति ही लेनी होगी।
उनके किराए, पेट्रोल डीजल खर्च पर कोई सीमा निर्धारित की गई है। चुनावी सभाओं के टेंट, चुनाव सभाओं के आयोजन के खर्च, मीडिया में विज्ञापन पब्लिसिटी, स्टार प्रचारकों के आने पर होने वाले खर्च, कार्यकर्ताओं के भोजन आदि के खर्च आदि की न सीमा रखी है और न ही इनका हिसाब देना है।
आयोग की अधिसूचनाओं के अनुसार बैनर पोस्टर छपवाने और उन्हें प्रदर्शित करने की खर्च सीमा महापौर पद के प्रत्याशी के लिए दो लाख, सभापति के लिए एक लाख, अध्यक्ष के लिए 50 हजार रुपए रखी है। पार्षद पद के प्रत्याशियों के लिए भी इन्हीं मदों के लिए खर्च सीमा निर्धारित की गई है।
इसके अलावा किसी खर्च को सीमा में नहीं बांधा गया है। नगर निगम पार्षद 20 हजार, नगर परिषद सदस्य 15 हजार और पालिका सदस्य के प्रत्याशी के लिए दस हजार रुपए खर्च की सीमा है।










