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Thursday, Nov 19th, 2009, 7:26 am [IST]  

danik bhaskarस्वाइन फ्लू के 13 नए केस

Bhaskar Correspondent

panipatपानीपत/भिवानी. प्रदेश में स्वाइन फ्लू का कहर थम नहीं रहा है। बुधवार को 13 और नए मामले सामने आए। इनमें छह भिवानी, दो सोनीपत, दो अम्बाला, दो पंचकूला और एक पानीपत में पाए गए हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों का आंकड़ा 680 पर पहुंच गया है।



अम्बाला में पॉजिटिव केस मिलने के बाद एसडी पब्लिक स्कूल को 25 नवंबर तक बंद कर दिया है। भिवानी में एक निजी स्कूल के छह छात्रों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। चौधरी बंसीलाल सामान्य अस्पताल के प्राथमिक चिकित्सा अधिकारी राजेंद्र समौत्रा के मुताबिक स्कूल से 8 छात्रों सहित 9 के सेंपल जांच के लिए भेजे थे। इनमें छह की 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।



अम्बाला छावनी स्थित एसडी पब्लिक स्कूल की दो छात्राओं राधिका और रवनीत कौर में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की राधिका को कई दिनों से बुखार था।अभिभावकों ने टेस्ट कराया तो स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाया गया।



हालांकि रवनीत को खांसी बुखार की शिकायत नहीं थी मगर यह राधिका के साथ रहती थी, इसलिए एहतियातन उसकी जांच कराई गई तो वह भी स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पाई गया। इसके अलावा 8वीं की समीक्षा और सोनाली में भी स्वाइन फ्लू जैसे लक्षण मिले। इन दोनों को आब्जर्वेशन में रखा गया है।



उधर, सोनीपत में दो और छात्रों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के साथ ही यहां मरीजों की संख्या 15 पहुंच गई है। सीएमओ डॉ. जेएस पूनिया के मुताबिक दोनों छात्रों की आइसोलेट कर दिया गया है जबकि 35 लोगों के सेंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं।



इनकी रिपोर्ट गुरुवार को आएगी।वहीं पानीपत में बुधवार को 37 वर्षीय एक महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई। सिविल सर्जन डॉ. एसएस पूनिया के मुताबिक बुधवार को भी आठ सेंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।



प्रदेश में तीन निजी मेडिकल स्टोर पर मिलेगी दवा



अब निजी मेडिकल स्टोर भी स्वाइन फ्लू की दवा बेच सकेंगे। इसके लिए केंद्र ने 500 लाइसेंस जारी करने की मंजूरी दी है। प्रदेश में फिलहाल तीन मेडिकल स्टोर सोनीपत के दुर्गा मेडिकोज, पंचकूला के सिटी मेडिकोज व अम्बाला के सतीश दुआ एंड कंपनी को लाइसेंस जारी किया है।



जिला ड्रग कंट्रोलर सिफारिश करेगा व मुख्य ड्रग कंट्रोलर लाइसेंस जारी करेगा। लाइसेंस शेडच्यूल एक्ट में मौजूद दवाओं के हिसाब से दिया जाएगा। शेडच्यूल एक्ट में दो दवाएं ओस्टेलमवीर व जामनीवीर उपलब्ध हैं। प्रदेश में इनकी सप्लाई की जिम्मेदारी हिथ्रो केमिकल को सौंपी गई है।



हर जिले में सीएमओ द्वारा नियुक्तसिर्फ एक डॉक्टर ही दवा लिख सकता है। जिस मेडिकल स्टोर को दवा बेचने की अनुमति होगी, उसके रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की कस्टडी में दवा रखी जाएगी। हरियाणा स्टेट ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन के एडवाइजर सतीश विज के मुताबिक इस दवा का दुष्प्रभाव काफी ज्यादा है। बिना बीमारी के यदि इस दवा का सेवन किया जाए तो मरीज डिप्रेशन में भी जा सकता है।



37 वर्षीय महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई



बुधवार को स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में एक और इजाफा हो गया है। 37 वर्षीय एक महिला में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इस प्रकार अब तक शहर में कुल मरीजों की संख्या आठ पहुंच चुकी है। बताया जा रहा है कि महिला में स्वाइन के वायरस पाजिटिव मरीज के संपर्क में आने से प्रवेश किए हैं।



सीएमओ डा. एसएस पूनिया ने बताया कि स्वाइन फ्लू से बचने के लिए जितना हो सके, पाजिटिव मरीज से दूर रहना होगा। उन्होंने बताया कि जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार स्कूलों में हेल्थ एजुकेशन दी जा रही है, ताकि लोग जागरूक हो सके।



सैंपल दिल्ली भेजे



सिविल अस्पताल में बुधवार को भी संदिग्ध मरीजों का सैंपल लेने का सिलसिला जारी रहा। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने आठ मरीजों के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। इनकी रिपोर्ट गुरुवार शाम तक आएगी। अब तक करीब 122 लोगों के सैंपल लिए जा चुके हैं। इनमें आठ लोगों में स्वाइन की पुष्टि हुई है। जबकि करीब दस सैंपल आने बाकी है।



नहीं कम हुआ फ्लू फोबिया



स्वाइन मरीजों के मिलने का सिलसिला जारी होने से शहरवासियों से फ्लू फोबिया खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। सामान्य खांसी और जुकाम होने पर लोग स्वाइन की चर्चा करने लगते है।
सिविल अस्पताल में कई लोग जांच के लिए आते है लेकिन जिनके गंभीर लक्षण दिखते है उनके ही सैंपल लिए जाते है। हालांकि सीएमओ डा. एसएस पूनिया का कहना है कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सतर्कता बरतें और फ्लू के सभी मरीजों से दूर रहें।



स्वाइन फ्लू के माहौल के बीच मेडिकल बाजार में ऐसे मास्क का धंधा चमक उठा है, जो स्वाइन फ्लू के वायरस को रोक ही नहीं सकता। चिकित्सा विशेषज्ञों और मास्क निर्माता इंडस्ट्री के संचालकों का कहना है कि बाजार में स्वाइन फ्लू के वायरस से बचाव के लिए इन दिनों कफ और कोल्ड के वायरस को रोकने वाले मास्क बिक रहे हैं।



जबकि स्वाइन फ्लू के वायरस बचाव के लिए एन 95 मास्क ही काम आता है। इसकी मूल कीमत काफी कम है, लेकिन ज्यादातर जगहों पर इसे भी तीन या चार गुना महंगा बेचा जा रहा है। पूना में मास्क इंडस्ट्री जेसी एंटरप्राइजेज के जिनेश शाह का तर्क है कि स्वाइन फ्लू फैलने के बाद भले देश में मास्क की बिक्री 10 गुणा से ज्यादा बढ़ गई हो।



लेकिन स्वाइन फ्लू के वायरस से बचाव वाले एन 95 मास्क की बिक्री आमतौर पर स्थिर है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दिनों मेडिकल स्टोरों से लोग सर्जिकल मास्क या पेपर मास्क ही ज्यादा खरीद रहे हैं। कुछ लोग डबल लेयर या ट्रिपल लेयर मास्क भी इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू के पीड़ितों को एन 95 मास्क ही खरीदना चाहिए।

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