अपहृत बालक सैफ मिला प्रतापगढ़ के जंगल में
मंदसौर. अपहरण के 38 घंटे बाद आखिर बालक सैफ अली घोचा पुलिस को राजस्थान में प्रतापगढ़ के समीप देवगढ़ जंगल में मिला। अपहरणकर्ता उसे वहां छोड़कर भाग गए। रात 12 बजे उसे रिश्तेदार व पुलिस मंदसौर उसके निवास पर लेकर पहुंची।
38 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अपहरण में प्रयुक्त मारुति जब्त कर ली है। अन्य की तलाश में पुलिस की दबिश जारी है।
देररात घर पर माता-पिता के साथ बैठे सैफ ने मीडिया को बताया कि गाड़ी में सवार कुछ लोगों ने उससे पता पूछा और भीतर खींच लिया। पानी में उसे नशीली दवा पिला दी जिसके बाद उसे जंगल में होश आया।
बदमाश करीब पांच थे, जिन्होंने नकाब पहन रखा था। बुधवार को बदमाश उसे एक जंगल में छोड़ गए जहां रिश्तेदार उसे लेने पहुंचे। बदमाशों को वह पहचान नहीं पाया। इससे पहले एसपी डी.पी. गुप्ता ने भास्कर को बताया कि बुधवार सुबह से ही पुलिस के पास अपहरणकर्ताओं की मौजूदगी को लेकर पक्की सूचनाएं आ रही थीं।
इसके चलते एएसपी पंकज श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने प्रतापगढ़ के समीप देवगढ़ के जंगल में घेराबंदी की। इससे घबराकर आरोपी बच्चे को जंगल में ही छोड़कर भाग गए।
बच्च हाथ में आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू की और छह आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। डीआईजी आदर्श कटियार के अनुसार पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही अपहरण में प्रयुक्त नीले कलर की मारुति भी जब्त की है।
इस घटना में शामिल कुछ अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की दबिश रात को भी प्रतापगढ़ व आसपास के क्षेत्र में जारी है। बच्चे को जंगल से बरामद करने के बाद प्रतापगढ़ निवासी उनके रिश्तेदार के घर ले जाया गया और उसके बाद रात 12 बजे मंदसौर लाया गया।
38 घंटे चली कार्रवाई-सैफ का अपहरण मंगलवार सुबह नगर के पाटिल कॉलोनी क्षेत्र से उस समय हो गया था जब वह सुभाष इंग्लिश स्कूल जा रहा था। नीली मारुति में सवार होकर आए बदमाश उसे उठा ले गए थे। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी और मंगलवार रात से ही प्रतापगढ़ (राज.) में डेरा डाले हुए थी।
सैफ के घर में घुसते ही मां ने लगाया गले से
पूरे 40 घंटे बाद जब वायडीनगर थाना प्रभारी सवाईसिंह नागर सैफ को लेकर घर पहुंचे तो उसे देखते ही मां ने भीगी आंखों से बाहों में भरकर गले लगा लिया।
मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने 40 घंटे के दौरान हर पल बच्चे को याद किया और उसकी सलामती के लिए नाहर सैयद बाबा से लेकर अजमेर शरीफ तक से मन्नतें मांगी।
पिता अजीम बाबू ने बताया कि उनके बच्चे की घर वापसी में सभी का खासतौर पर पुलिस का काफी सहयोग मिला।










