कैट में 25 फीसदी स्टूडेंट्स होंगे कम
जोधपुर. इस बार कैट ऑनलाइन होने के कारण स्टूडेंट्स के लिए चुनौतियां भी हैं और कुछ मुश्किल के साथ बहुत कुछ रिलेक्स और आसान भी, लेकिन उनको टाइम मैनेजमेंट पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। पिछले वर्ष जोधपुर से लगभग 700 स्टूडेंट्स ने यह टेस्ट दिया और राजस्थान से लगभग 9000 स्टूडेंट्स ने यह टेस्ट दिया था।
कैट एग्जाम ऑनलाइन होने से स्टूडेंट्स के मन में डर बना हुआ है और इसलिए एग्जाम की तारीख जैसे जैसे नजदीक आ रही है, वैसे वैसे उनमें इसे क्लियर करने का प्रेशर बढ़ रहा है। क्योंकि इस बार पेपर ऑनलाइन होने से आशंका जताई जा रही है कि लगभग 25 फीसदी स्टूडेंट्स कम होने की संभावना है।
इस बारे में कैट विशेषज्ञों का कहना है कि ऑन लाइन टेस्ट थोड़ा कठिन होने के कारण स्टूडेंट्स की प्रतिभागिता में थोड़ी कमी नजर आएगी क्योंकि एक तो ग्रामीण स्टूडेंट्स कंप्यूटर के आदि ना होने के कारण वो कैट एग्जाम में हिस्सा कम लेंगे।
वहीं कैट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स का मानना है कि इस बार कैट का फॉरमेट हमेशा के मुकाबले कठिन होगा, इसलिए उन्होंने भी अपनी तैयारी की है ताकि एग्जाम के समय वो उसका मुकाबला कर सके और उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी एग्जाम देते समय नहीं आए।
ये टिप्स होंगे मददगार
जोधपुर पीटी एजूकेशन सेंटर डायरेक्टर अमरदीप सिंह का कहना है कि पिछली बार मैथ्स थोड़ा टफ आया था लेकिन अंग्रेजी के सवाल ज्यादा आए थे। स्टूडेंट्स को उसी प्रकार अपने आप को तैयार रखना चाहिए। जिस प्रकार का पेपर का फॉरमेट आना है। मॉक टेस्ट में स्टूडेंट को पूरी एकाग्रता से हिस्सा लेना चाहिए, उन्हें ज्यादा से ज्यादा कंप्यूटर पर प्रेक्टिस करनी चाहिए ताकि उनका सिटिंग स्टेमिना बढ़े।
अगर कंप्यूटर पर ज्यादा काम नहीं करते तो प्रेक्टिस शुरू करें।
ऑनलाइन टेस्ट की ज्यादा से ज्यादा प्रेक्टिस करें।
इसके लिए बेसिक पर ध्यान दें और लंबे डाटा इंटरप्रिटेशन से बचें।
साथ ही अपनी कमजोरी और ताकत को पहचाने।
इसके साथ ही ऑनलाइन ई बुक्स व ईपेपर्स पढ़ें और लंबा रीडिंग मैटेरियल पढ़ने से बचें।
पहले टेस्ट की और फिर बाद में लंबे टेस्ट की तैयारी करें और साथ ही रीडिंग कंपरीहैंशन व डाटा इंटरप्रिटेशन टेस्ट की प्रेक्टिस करें और मानसिक कैलकुलेशन में ज्यादा ध्यान दें।
हर पांच मिनट में छह या सात सवाल करने की कोशिश करें, कम से कम तीन घंटे तक कंप्यूटर स्क्रीन देखने की आदत डालें।
इस बार सॉफ्ट वियर में हाइलाइटर की सुविधा भी दी गई है जिससे प्रश्न करने के बाद वो हाइलाइटर के सहारे दो लाइन में प्रश्न को हाइलाइट कर सकते हैं।
ऑनलाइन होने से स्क्रीन पर प्रश्न पढ़ लें और फिर रफ पेपर पर पॉइंट बना कर फिर पेसेज में जाने के बाद लोकेट कर लें।
मैथ के प्रश्न भी इस बार घट कर 90 से 62 हो गए हैं और इसलिए इन 17 टोपिक में से जो भी तैयार हो गए हैं, उनकी प्रेक्टिस करें।
ज्यादा परेशान नहीं हो और ज्योमेट्री नंबर सिस्टम प्रोबेबिलिटी पर ज्यादा मेहनत करें।
डीआईडीएसएलआर का भी ध्यान रखें क्योंकि ऑनलाइन होने से डीआई के प्रश्न आसान, एलआर के मुश्किल और डीएस के लिए चार टोपिक नंबर सिस्टम, एल्जेबरा, ज्योमेट्री और टू डी हुए है।
यह कमी शहरों से भी संभव
जिस तरह पिछली बार राजस्थान से लगभग 9000 स्टूडेंट्स कैट के एग्जाम में बैठे थे, जबकि जोधपुर से लगभग 600 स्टूडेंट्स ने यह टेस्ट दिया, लेकिन इस बार संख्या में 25 फीसदी स्टूडेंट्स कम होने की आशंका है। पिछले समय से देखा जा रहा है कि मैनेजमेंट की डिग्री लेने वालों की संख्या में लगातार इजाफा और नौकरियों में कमी के कारण ग्रेजुएट्स स्टूडेंट्स इस बार टेस्ट में कम बैठेंगे। जानकारों का मानना है कि इंजीनियर्स की संख्या में बढ़ोतरी होगी, क्योंकि इंजीनियरिंग करने के बाद मैनेजमेंट की डिग्री होने के कारण उन्हें नौकरी आसानी से मिल जाती है।
डर के साथ कॉन्फीडेंस भी है
इस बार जो भी स्टूडेंट्स कैट के एग्जाम में बैठेंगे, उन्हें एग्जाम ऑनलाइन होने के कारण थोड़ा डर भी लग रहा है लेकिन सॉफ्टवेयर की फेसिलिटी के कारण कॉन्फीडेंस भी महसूस हो रहा है, साथ ही उन्हें इस बात का भरोसा है कि अच्छी तैयारी के बाद वो अच्छा पेपर कर सकते हैं और अच्छे मार्क्स ला सके सकते हैं।
कैट की तैयारी कर रहे शुभम के अनुसार इस बार कैट ऑनलाइन है, इसलिए थोड़ा डर भी लगता है इसलिए वो कंप्यूटर पर ज्यादा सिटिंग देते हैं ताकि प्रेक्टिस भी हो सके और एग्जाम के समय उन्हें मुश्किल नहीं हो। मेघा जैन बताती है कि वो कंप्यूटर फ्रेडली तो नहीं है लेकिन फिर भी वो अब प्रेक्टिस के लिए कंप्यूटर पर ज्यादा बैठ रही है।
दस दिनों में 20 स्लोट्स
28 नवंबर से 7 दिसंबर तक कैट टेस्ट होगा। इस बार कैट दस दिनों तक चलेगा जिसमें एक दिन के दस स्लोट्स होंगे जिनमें स्टूडेंट्स टेस्ट दे सकते हैं। ये टेस्ट दो घंटे पंद्रह मिनट तक चलेगा जिसमें क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड, लॉजिकल रीजनिंग एंड डाटा इंटरप्रिटेशन और वर्बल एबिलिटी टेस्ट होगा। इसमें 62 या 70 प्रश्न पूछे जाएंगे और हर प्रश्न तीन नंबरों का होगा। इस प्रकार अच्छी बिजनेस स्कूल एडमीशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को 70 से 90 नंबर प्राप्त करने होंगे।
सीखें टाइम मैनेजमेंट फंडा
यह जरुरी है कि इस टेस्ट की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को ज्यादा से ज्यादा मोक टेस्ट देना चाहिए जिनमें उन्हें टाइम मैनेज करना आ जाए। इसके लिए उन्हें यह भी ध्यान रखना है कि उन्हें किस सब्जेक्ट से शुरुआत करनी है। अगर टेस्ट का आरंभ अच्छा होगा तो स्टूडेंट्स को कोई परेशानी नहीं आएगी।
टेस्ट देते समय स्ट्रेटेजी फाइनल कर लेनी चाहिए। इस प्रकार उन्हें अभी से ही सोच विचार कर लेना चाहिए कि किस प्रकार शुरुआत करनी है और टाइम के साथ सभी कुछ मैनेज करना है।










