मेजर की शहादत को सलाम
जोधपुर. भारत चीन युद्ध के दौरान सीमा पर प्राण गंवाने वाले परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह के 47 वें शहीद दिवस पर बुधवार को पावटा स्थित मेजर शैतानसिंह सर्किल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जोधपुर सब-एरिया कमांडर ब्रिगेडियर एपी सिंह ने कहा कि मेजर शैतान सिंह एक बहादुर सैनिक थे।
वे अपनी जान की परवाह किए बिना एक प्लाटून से दूसरी प्लाटून तक जाकर अपने सैनिकों को अंतिम सांस तक युद्ध में डटे रहने की प्रेरणा देते थे। जिला कलेक्टर नवीन महाजन ने कहा कि परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह का बलिदान हमेशा याद किया जाएगा। मेजर सिंह की वीरता के चलते ही उन्हें मरणोपरांत युद्ध काल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
जिला सैनिक कल्याण अधिकारी मेजर पीएस भाटी ने मेजर की प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए कहा कि देश के युवाओंे को उन जैसे साहसी, कुशल नेतृत्व वाले और कर्तव्य के लिए अपनी जान न्यौछावर करने वाले लोगों की जरूरत है। शहीद मेजर शैतान सिंह के पुत्र नरपत सिंह ने प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित करते हुए उन्हें सलामी दी।
इससे पूर्व मेजर शैतान सिंह सर्किल को रंग-बिरंगे पुष्पों से सजाकर सैन्य गारद की टुकड़ी ने सशस्त्र सलामी दी। श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सेवारत एवं सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी, चौपासनी स्कूल के 50 विद्यार्थियों ने मेजर की प्रतिमा के समक्ष सलामी लेते हुए दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी।











