एजुसेट्स की सुधरेगी हालत
हिसार. प्रदेश के सीनियर सेंकडरी स्कूलों में लगे एजुसेट्स के अब दिन फिरने वाले हैं। शिक्षा आयुक्त ने एजुसेट को दुरुस्त कराने के लिए खर्च होने वाली राशि का ब्यौरा मांगा है। आयुक्त ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र लिखा है और एजुसेट की रिपेयर पर होने वाले खर्च का ब्यौरा वर्तमान माह के अंत तक भेजने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी सीनियर सेकंडरी स्कूलों में सीधी व सरल शिक्षा देने के लिए एजुसेट के माध्यम से शिक्षा देने का काम शुरू किया था। इसके लिए कुछ स्कूलों में प्लाजमा टीवी व कुछ स्कूलों में बड़ी स्क्रीन पर सुविधा को शुरू किया गया था।
परंतु कुछ समय बाद ही आवश्यक रख-रखाव व तकनीकी खामियों के चलते कई स्कूलों में एजुसेट के माध्यम से शिक्षा देने का यह सिलसिला बंद होना शुरू हो गया । इनको ध्यान में रखते हुए संबंधित स्कूलों के मुखियाओं ने विभाग के उच्चधिकारियों को सूचना देना शुरू कर दिया था, परंतु इस संदर्भ में चंडीगढ़ मुख्यालय से कोई आदेश नहीं आने पर सिस्टम ठीक नहीं हो पाए। अधिकारियों से इनको ठीक कराने संबंधी अनुमति नहीं मिलने पर कुछ स्कूल मुखियाओं ने अपने स्तर पर ठीक करा स्कूलों में यह सुविधा जारी रखी।
जिले में 99 स्कूलों में है यह सुविधा
एजुसेट के माध्यम से जिले के 99 सीनियर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षा देने के लिए उपकरण स्थापित किए हुए हैं। इनमें से 17 स्कूलों में यह शिक्षा बड़ी स्क्रीन पर व 82 स्कूलों में 2र्9 ईच की प्लाजमा स्क्रीन उपलब्ध है। इनमें से कई स्कूलों में कंप्यूटर, किसी में प्रोजेक्टर, स्क्रीन, बैटरी, माइक या एंप्लीफायर के तकनीकी रूप से खराब होने की शिकायतें हैं। इनकी खराबी के चलते पिछले कुछ समय से यह व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं चल पा रही।
शिक्षा आयुक्त ने चंडीगढ़ में 21 नवंबर को सभी जिला शिक्षा अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में प्रदेश में एजुसेट सुविधा को निर्बाध गति से चलाने पर विचार-विमर्श होगा। किस कारण से एजुसेट सिस्टम खराब है, इस पर भी चर्चा होगी। - मित्रसेन मल्होत्रा, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार










