छात्र कक्षाओं में, शिक्षक बाहर
ग्वालियर. जीवाजी यूनिवर्सिटी (जेयू) के कुलपति को आकस्मिक निरीक्षण में तीन विभागों में शिक्षक पढ़ाते हुए नहीं मिले। इस पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और साफ कहा कि कक्षाएं खाली नहीं रहनी चाहिए।
कुलपति प्रो. मजाहिर किदवई ने बुधवार को फार्मेसी, आर्केलॉजी व राजनीतिक विज्ञान की अध्ययनशाला का निरीक्षण किया। आर्केलॉजी अध्ययनशाला में उन्हें छात्र क्लास रूम में बैठे मिले लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक क्लास में नहीं था। इस पर उन्होंने विभागाध्यक्ष को तलब कर नाराजगी जाहिर की।
विभागाध्यक्ष ने उन्हें बताया कि किस शिक्षक का पीरियड है। इस पर कुलपति ने उक्त शिक्षक को बुलवाया। शिक्षक ने कुलपति को बताया कि अन्य जिम्मेदारियों में व्यस्त रहने के कारण वह नहीं आ सके। कुलपति प्रो. किदवई ने कहा कि कक्षाएं खाली नहीं रहनी चाहिए।
कुलपति ने कक्षाओं व विभाग के कक्षों में गदंगी पर भी नाराजगी जाहिर की और सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आर्केलॉजी अध्ययनशाला का बंद म्यूजिम भी खोलने के लिए कहा।
इसके बाद कुलपति ने फार्मेसी विभाग का निरीक्षण किया। यहां भी छात्रों ने उन्हें बताया कि केवल एक ही पीरियड लगा है जबकि दूसरा पीरियड लेने वाले शिक्षक रूम में बैठे हैं।
यहां भी उन्होंने शिक्षकों को फटकार लगाई। कुलपति ने साफ कहा कि यदि क्लास में पढ़ाई नहीं हुई तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई होगी। राजनीतिक विज्ञान अध्ययनशाला के निरीक्षण के दौरान भी उन्हें शिक्षक विभाग से गायब मिले। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जाहिर की और विभागाध्यक्ष को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए।
नियमितीकरण में होगा रोस्टर का पालन
जेयू में 89 दिवस कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए गठित समिति की बुधवार को पहली बैठक हुई। समिति ने निर्णय लिया कि नियमितीकरण में रोस्टर का पालन किया जाए, साथ ही शैक्षणिक अर्हता का भी ध्यान रखा जाए।
बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक डा. बीएस परिहार व अन्य सदस्य उपस्थित थे। नियमितीकरण के लिए जल्द पुन: बैठक करने पर भी समिति सदस्यों ने सहमति व्यक्ति की।










