जेडीए बाबू का अजब कारनामा
जोधपुर. जोधपुर विकास प्राधिकरण ने चौपासनी जागीर के एक आवासीय भूखंड की लीज डीड में बदलाव कर उसे व्यावसायिक में बदलने के आरोपी लिपिक और प्लाट के मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने का फैसला किया है। इस लिपिक ने कागजों में काट छांट कर गुपचुप प्लाट मालिक से व्यावसायिक शुल्क भी जमा करवा लिया।
इससे सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हुआ। इस मामले का खुलासा बीते साल मार्च में उस समय हुआ था, जब उस प्लाट पर बिल्डिंग बनाने की अनुमति का आवेदन किया गया। इस लिपिक को एक अन्य मामले में जेडीए आयुक्त ने चार दिन पहले ही निलंबित किया है। तत्कालीन नगर विकास न्यास ने चौपासनी जागीर के खसरा नंबर 42 में 613 वर्गगज जमीन 11 जनवरी 2008 को कृषि भूमि से रहवासीय में रूपातंरित की थी।
फरवरी में इसका साइट प्लान बना और 4 मार्च 2008 को तत्कालीन न्यास के विशेषाधिकारी प्रहलाद राठौड़ और अध्यक्ष राजेंद्र गहलोत ने इसकी आवासीय लीज डीड पर हस्ताक्षर किए। 10 मार्च को इसकी लीज डीड जयपाल राठौड़ के नाम जारी की गई। लिपिक अशोक गिरि ने इस लीज डीड व पट्टे में काट छांट कर आवासीय को व्यावसायिक में बदल दिया। दो दिन बाद 12 मार्च को 2 लाख 15 हजार रुपए व्यावसायिक शुल्क के रूप में जमा करवा दिए।
ऐसे हुआ खुलासा
भूखंड मालिक जयपाल राठौड़ ने उस प्लाट पर बिल्डिंग बनाने की इजाजत के लिए जेडीए मंे आवेदन किया। प्लाट के लीज डीड मंे काट छांट देख अधिकारियों को संदेह हुआ। साइट प्लान देखा तो उसमें प्लाट रहवासीय और सड़क से तीस फीट की दूरी पर होना पाया गया। नियमानुसार व्यावसायिक प्लाट सड़क से चालीस फीट की दूरी पर होना अनिवार्य है। इसलिए यह प्लाट रहवासीय से व्यावसायिक में तब्दील नहीं हो सकता था।
यह है नियम
किसी भी रहवासीय प्लाट को व्यावसायिक मंे लैण्ड यूज कमेटी ही बदल सकती है। सड़क से दूरी कम होने से कमेटी इस आवेदन को प्रथम दृष्टया ही खारिज कर देती। इसके अलावा प्लाट कॉमर्शियल मंे तब्दील करने पर डीएलसी दर से प्लाट के कीमत के आधार पर चालीस प्रतिशत राशि जमा करवानी होती है। इस प्लाट के कम से कम करीब दस लाख रुपए और जमा करवाने पड़ते।
अब यह होगा
जेडीए मंे गड़बड़ीकरने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर ही गाज गिरती रही है, मगर पहली बार जेडीए ने गड़बड़ी में शामिल प्लाट मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करवाने का फैसला किया है। गुरुवार को दोनों के खिलाफ रातानाडा थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। लिपिक अशोक गिरि को चार दिन पूर्व फर्जी पट्टे जारी करने के मामले मंे निलंबित कर सोलह सीसी के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में भी उसे सोलह सीसी का नोटिस दिया जाएगा।
हां, मामला दर्ज करवा रहे हैं
जेडीए लिपिक अशोक गिरि ने प्लाट मालिक से साठ गांठ कर आवासीय प्लाट की लीज डीड मंे काट छांट कर उसे कामर्शियल में बदल दिया। अशोक और प्लाट मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जा रहा है। - गौरव गोयल, आयुक्त जेडीए।










