Thursday, Nov 19th, 2009, 2:24 pm [IST]  

danik bhaskarस्वाइन फ्लू : नो टेंशन, एसएमएस है ना

Bhaskar Correspondent

कोटा. स्वाइन फ्लू के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अब एसएमएस के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। इसके लिए मोबाइल कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है कि वे नि:शुल्क एसएमएस की सुविधा उपलब्ध कराएं। यह बात सीएमएचओ गजेंद्र सिंह सिसोदिया ने पत्रकारवार्ता मंे कही।

पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार मीडिया से रू—ब—रू सीएमएचओ ने स्वाइन फ्लू के बारे में बताया कि जिले मंे अब तक स्वाइन फ्लू के 136 संभावित मामले सामने आए हैं और इनमंे से 18 लोग पॉजीटिव पाए गए। इनमें से 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। संदिग्ध लोगांे मंे से सभी की हालत में सुधार है।

शहर मंे सबसे पहले रोगी के रूप में नागपुर निवासी एसके जैन सामने आए थे। वे व्यापार के सिलसिले में कोटा आए थे। दूसरा रोगी हैदराबाद निवासी जावेद था। अन्य सभी रोगी कोटा जिले के हैं। 3 रोगी संतोष सोनी, अब्दुल हमीद, बीना शर्मा की मौत हो गई है।

अब सर्दी मंे स्वाइन फ्लू के संदिग्ध रोगी बढ़ने और बच्चों के ज्यादा प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए स्कूलों मंे निगरानी शुरू कर दी गई है। 16 डिस्पेंसरी के डॉक्टरों को नजदीक के विद्यालयों मंे बच्चों को चैक करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलांे मंे स्वाइन फ्लू मिल रहा है।

वहां अन्य बच्चों को भी चैक किया जा रहा है। शहर के एनजीओ भी इस कार्य मंे मदद कर रहे हैं। प्रचार के लिए स्लाइड बनवा ली है, जिसे शहर के प्रमुख सिनेमाघरांे मंे दिखाया जाएगा। जब भी जयपुर प्रयोगशाला से किसी भी रोगी की पॉजीटिव मिलती है, डॉक्टरों की टीम उसके घर जाकर सभी संपर्क मंे आने वाले व्यक्तियों को टैमी फ्लू की दवा देती है।

सीएमएचओ ने बताया कि फिलहाल शहर मंे किसी भी स्कूल को बंद करने की नौबत नहीं आई है, क्योंकि किसी भी स्कूल मंे अधिक संख्या मंे बच्चे संदिग्ध नहीं मिले हैं। स्वाइल फ्लू की जांच के लिए शहर के चार अस्पताल भी अधिकृत किए गए हैं। सरकारी व निजी स्कूलों के स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे इससे घबराएं नहीं बल्कि सावधानी रखकर इससे बचें।

बॉयोमाइक्रोलॉजी लैब जल्द

सीएमएचओ ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एक करोड़ की बॉयोमाइक्रोलॉजी लैब जल्द बनेगी। इसके लिए सरकार ने मंजूरी दे दी है और इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके बनने के बाद नमूनों को जांच के लिए जयपुर या अन्य स्थानों पर नहीं भेजना पड़ेगा, लेकिन अभी इसे बनने मंे काफी वक्त लगेगा।

छात्रों को बताए उपाय

कोटा यूनिवर्सिटी के ईएसआई स्थित कैंपस में बुधवार को सेमिनार आयोजित कर स्वाइन फ्लू के कारण और बचाव की जानकारी दी गई। इस दौरान छात्र—छात्राओं ने विशेषज्ञों से सवाल—जवाब भी किए। सेमिनार का आयोजन डीन, स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. एनके जैमन द्वारा किया गया।

कार्यक्रम में डॉ. बी लाहोटी ने छात्र—छात्राओं को स्वाइन फ्लू के कारण और उसके बचाव की जानकारी दी। उन्होंने पोस्टर प्रजेंटेशन के माध्यम से बीमारी के संबंध में बताया। डॉ. लाहोटी ने सलाह दी कि सिर में दर्द, जुकाम और खांसी होने पर चिकित्सक को जरूर दिखाएं।

कोटा के सरकारी अस्पताल में स्वाइन फ्लू की नि:शुल्क जांच की व्यवस्था है। स्वाइन फ्लू की एकमात्र दवा टैमीफ्लू हैं, लेकिन कोई भी बिना डॉक्टर की सलाह के इस दवा का सेवन न करे। इस मौके पर छात्र—छात्राओं ने चिकित्सकों से स्वाइन फ्लू से संबंधित सवाल भी किए। कार्यक्रम में प्रो. एससी राजौरा और डॉ. जेपी शर्मा भी मौजूद रहे।

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