फर्जी लाइसेंस से बेचे 23 हथियार
कोटा. कोटा पुलिस ने दूसरे राज्यों के फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियार बेचने वाले गिरोह का भंड़ाफोड़ किया है। इसमें मुख्य अभियुक्त सहित 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और 11 हथियार बरामद किए गए हैं। अभी तक 23 फर्जी लाइसेंस बनाए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है।
संभाग मंे फर्जी लाइसेंस बनाकर हथियार बेचने का यह पहला मामला सामने आया है। आईजी राजीव दासोत ने बुधवार को पत्रकार वार्ता मंे बताया कि तालेड़ा पुलिस ने दादाबाड़ी निवासी प्रतीक अग्रवाल को जुलाई मंे रिवॉल्वर सहित गिरफ्तार किया था। उसका लाइसेंस फर्जी मिलने पर इस मामले को देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर मानते हुए एसपी भूपंेद्र साहू के नेतृत्व मंे एक टीम गठित की गई। टीम ने सूचना के आधार पर श्रीपुरा स्थित गन हाउस पर छापा मारा।
वहां के सभी रिकार्ड सीज किए और गनहाउस के मालिक रशीद और उसके दो पुत्रांे नफीस और रईस को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने पूछताछ मंे बताया कि वे बंदूक के फर्जी लाइसेंस बनाकर बंदूक बेचा करते थे और इसके बदले मंे मोटी रकम भी लेते थे। उनके रिकार्ड के आधार पर शहर पुलिस ने अलग—अलग इलाकों से 7 आरोपियों जसविंदर सिंह, दलजीतसिंह, रामावतार नागर, राजेश अग्रवाल, सादिक ठेकेदार, सलीम पुत्र रजाक तथा हैदर को गिरफ्तार किया। इनके पास बारह बोर की 6 बंदूकें और एक रिवॉल्वर बरामद की है।
बूंदी में भी चार गिरफ्तार
गनहाउस के मालिक रशीद से पूछताछ के आधार पर बूंदी पुलिस ने भी चार आरोपियों गुरुमुखसिंह, सुरजीतसिंह, परमजीतसिंह तथा सुरेंद्र व्यास को गिरफ्तार किया और उनके पास से बारह बोर की 4 बंदूकें बरामद की गई हंै। आईजी दासोत ने बताया कि अभी तक रशीद ने 23 फर्जी लाइसंेस बनाकर हथियार बेचने की बात स्वीकारी है।
उनके नामों का पता चल चुका है। उनकी तस्दीक की जा रही है। उनसे कई कारतूस भी बरामद किए हैं। हथियारों का स्टॉक चैक किया जा रहा है कि इनके पास कितने हथियार आए और कितने फर्जी लाइसेंस से बेच दिए। पुलिस फरार प्रतीक अग्रवाल की तलाश मंे जुटी हुई है।
रजिस्टर में कई एंट्री
पुलिस को गन हाउस के रजिस्टर मंे कई एंट्री मिली हैं, जिनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह बात भी सामने आई है कि इस रजिस्टर को पहले प्रशासन ने चैक भी नहीं किया। इसके आधार पर हथियारों की खरीद—फरोख्त के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
थानाधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच
आईजी दासोत ने बताया कि तालेड़ा के निलंबित थानाधिकारी गोविंद सिंह को मामले को अटकाने के मामले मंे डीएसपी को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिवॉल्वर डेढ़ लाख बंदूक 60 हजार में
आरोपियों ने प्रत्येक व्यक्ति से प्रति लाइसेंस 1 लाख रुपए लिया है। 50 हजार रुपए की रिवॉल्वर के डेढ़ लाख रुपए तथा 20 हजार रुपए की बारह बोर की बंदूक के 60 हजार रुपए लिए हैं। इनकी क्वालिटी भी ज्यादा अच्छी नहीं है।
असम, जम्मू—कश्मीर व नागालैंड के लाइसेंस
जो हथियार बरामद किए हैं, उनके लाइसेंस जम्मू—काश्मीर, असम के तेजपुर और नागालैंड के धीमापुर जिले के हैं। आरोपियों ने इन्हीं राज्यों के लाइसेंस इसलिए बनवाए कि यहां आसानी से लाइसेंस बन जाता है और दूसरे राज्यों की पुलिस दूर होने के कारण ज्यादा तस्दीक भी नहीं करती है। लाइसेंस बनाने वाले आरोपियों ने इन लाइसेंसों को दुबारा से रिन्वयू भी कर दिया।
कई रसूखदार भी शामिल
फर्जी लाइसेंस से हथियार खरीदने के मामले में पुलिस ने घी फैक्ट्री वाला राजेश अग्रवाल, व्यवसायी रामावतार नागर, दलजीत सिंह, जसविंदर सिंह, सादिक ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा हत्या व आर्म्स एक्ट का आरोपी सलीम व निजी बैंक मंे गार्ड हैदर भी शामिल हैं।










