हेरिटेज कठारगढ़ को फिर बेचने की तैयारी
उदयपुर. कुंभलगढ़ मार्ग पर स्थित हेरिटेज संपदा कठारगढ़ की बुधवार को नीलामी की गई। इस संपत्ति के लिए 52 लाख 56 हजार 501 रुपए की सर्वाधिक बोली लगी। गांव की इस हेरिटेज संपदा को बेचने का ग्रामीणों ने फिर विरोध जताया। गांव के कई स्कूली बच्चों ने विरोध में रास्ता रोक दिया।
बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश की तो ग्रामीण सशर्त माने। इसके बाद नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई। इसमें 22 लोगों ने शिरकत की। नीलामी भी लाखों से ही शुरू हुई। अंतिम और सर्वाधिक बोली कुंचोली (नाथद्वारा) के वीरेंद्रसिंह चौहान लगाई।
इस मौके पर गिर्वा तहसीलदार महेंद्रसिंह मीणा और नायब तहसीलदार हरिशंकर जोशी और गोगुंदा थानाधिकारी मय जाब्ते के उपस्थित थे।
क्यों हुआ विरोध
ग्रामीणों का कहना है कि यह सरकार की नजूल संपत्ति है। इस पर गांव का अधिकार है। इसका इस्तेमाल गांव के लोगों के लिए किया जाना चाहिए। गौरतलब है कि इसकी नीलामी के लिए पहले भी प्रयास हुए।
वर्ष 2003 में सरकार ने नीलामी की इजाजत दी, लेकिन ग्रामीणों ने नीलामी प्रक्रिया को रुकवा दिया। इसके बाद ग्रामीण भी चुप बैठ गए। इस मामले के निपटाने के लिए सरकार ने दुबारा इजाजत दी।
क्या रखी शर्त : गांव वालों का कहना था कि यह ऐतिहासिक महत्व का है, इस जगह स्कूल या डिस्पेंसरी लगाई जाए। नीलामी की जाती है तो प्राप्त राशि का गांव के विकास में उपयोग किया जाना चाहिए।
आगे क्या होगा : दस लाख से अधिक संपत्ति को बेचने के लिए सरकार की इजाजत लेनी पड़ती है। नीलामी के दौरान इसकी कीमत तय होने से अब प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने पर यह संपत्ति बेच दी जाएगी।
क्या है कठारगढ़
उदयपुर—कुंभलगढ़ मार्ग पर स्थित यह गढ़ महाराणाओं की विश्राम स्थली रहा है। तुला और कुंभगलगढ़ के बीच बरसाती बनास की सहायक नदी के पास यह बहुत रमणीक स्थल रहा है। कुंभलगढ़ पर भी महाराणा कुंभा ने कटारगढ़ नाम से तलवार के आकार का किला बनाया था।
कोई सौ साल पहले बादल महल बनने के साथ ही उसका अस्तित्व नहीं रहा। कठार गांव में पहाड़ी पर स्थित इस महल में दो— तीन कमरे और एक अलिंद, बरामदा है। पीछे की ओर हरेभरे खेत और नदी है। इसका क्षेत्र 19 बीसवां है। कठार में अमिताभ, श्रीदेवी अभिनीत ‘खुदागवाह’ की शूटिंग हो चुकी है।










