काढ़ा हर्बल एंटी-बायोटिक और एंटी वायरल
भीलवाड़ा. महात्मा गांधी अस्पताल के आयुष चिकित्सालय के बाहर वितरित काढा तैयार करने वाले डा. ओमप्रकाश शर्मा का कहना है कि काढा हर्बल एंटी बायोटिक और एंटी वायरल है। काढ़े से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी के कारण संक्रमण शरीर में प्रवेश कर स्थान बना लेते हैं। स्वाइन फ्लू की रोकथाम में काढ़ा काफी मदद करता है।
श्री गणोश उत्सव प्रबंध एवं सेवा समिति की ओर से 17 नवंबर से 17 दिसंबर तक सुबह 10 से 11 बजे वितरित किए जाने वाले काढ़े से अब तक ढाई हजार लोग लाभांवित हो चुके हैं। डा. शर्मा ने बताया कि काढ़ा 25 जड़ी-बूटियों के मिश्रण से तैयार किया गया है।
इसमें शामिल नावा मलेरिया के लिए उपचार में सहायक होता है। कुटक-चिरायता खून को साफ करने, लीवर को सही रखने, पीलिया से बचाने में सहायक होता है। सर्दी-जुकाम से बचने के लिए काढ़े का सेवन करना चाहिए।
सौंठ, नीम गिलोय, एलोवीरा, तुलसी और हल्दी भी काढ़े में शामिल की गई है। यह प्रमाणित भी हो चुका है कि फ्लू से बचाव में इन दोनों तत्वों की महती भूमिका रहती है। गाजरघास से होने वाली त्वचा संबंधी बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
खासबात यह है कि काढ़े से किसी प्रकार का साइड इफैक्ट नहीं होता। बाजार में मिलने वाली महंगी एंटी-बायोटिक दवाइयांे से यह सस्ता मिल जाता है। महात्मा गांधी अस्पताल स्थित आयुष चिकित्सालय में निशुल्क काढ़ा वितरित किया जा रहा है। उधर, समिति अध्यक्ष उदयलाल समदानी ने बताया कि तहसील मुख्यालयों पर भी काढ़ा वितरित किया जाएगा।










