बच्चों के सामूहिक कार्यक्रम पर निजी स्कूल को नोटिस
भीलवाड़ा. जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने बुधवार सुबह नगर परिषद सभागार में निजी स्कूल की ओर से आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम पर स्कूल संचालक को नोटिस जारी कर इसका स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कार्यक्रम आयोजित करने को राज्य सरकार के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए शीघ्र जवाब मांगा है।
उधर, प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। राज्य में फैल रहे स्वाइन फ्लू की रोकथाम व बचाव को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों के किसी भी प्रकार के सामूहिक कार्यक्रम पर रोक लगा रखी है।
डीईओ माध्यमिक प्रथम कार्यालय से इस संबंध में प्राइवेट, सीबीएसई व सरकारी स्कूलों को आदेश जारी किए जा चुके हैं। पांसल चौराहा स्थित ग्रीनवैली सीनियर सैकंडरी स्कूल की ओर से सुबह 10:45 बजे नगर परिषद सभागार में एक्सीलेंस अवाडर्स फंक्शन आयोजित किया गया। स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए सामूहिक कार्यक्रमों पर रोक के बावजूद शिक्षा विभाग से कार्यक्रम आयोजित करवाने की अनुमति भी नहीं ली गई।
कार्यक्रम में लगभग 150 स्टूडेंट्स के साथ उनके अभिभावक भी मौजूद थे। लगभग ढाई घंटे के इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भी एसपी पीरामजी की पत्नी रामादेवी थी। डीईओ ऑफिस ने इसकी जानकारी मिलने के बाद स्कूल को नोटिस जारी किया। विभाग उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत कराने की बात भी कह रहा है।
मौसम के कारण बदला कार्यक्रम
पहले यह कार्यक्रम 16 नवंबर को आयोजित किया जाना था। उसके बाद कार्यक्रम का स्थान व तिथि बदलकर 18 नवंबर को नगर परिषद में कर दिया। स्कूल प्रशासन का कहना है कि स्वाइन फ्लू के कारण कार्यक्रम को बदला गया और चुनिंदा स्टूडेंट्स को ही कार्यक्रम में बुलाया गया। हकीकत में 16 नवंबर को मौसम खराब होने के कारण कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। इसकी जानकारी स्कूल के बच्चों की डायरी में दी गई।
क्या है राज्य सरकार के आदेश: किसी भी निजी, सीबीएसई और सरकारी स्कूल में सामूहिक रूप से होने वाली गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। स्कूलों मंे सामूहिक रूप से प्रार्थना सभा आयोजित नहीं की जाएं। इसके साथ ही किसी भी प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जाएं। बच्चों को किसी भी हाल में समूह में एकत्रित नहीं होने दें।
60 से 70 बच्चे तो बस में होते हैं..
स्कूल प्रिंसीपल गुरुविंदरसिंह भाटिया का कहना है कि 60 से 70 बच्चे तो स्कूल बस में ही होते हैं। इस कार्यक्रम में मात्र 100 से 125 स्टूडेंट्स थे। एसपी की पत्नी खुद मुख्य अतिथि थी। बच्चों को ध्यान में रखकर स्थान व तिथि बदली। वैसे भी यह इंटरनल कार्यक्रम था।










