Saturday, Nov 21st, 2009, 11:03 am [IST]  

danik bhaskarगावस्कर नहीं देख पाए द्रविड़ की पारी

तुषार त्रिवेदी

rahul dravidअहमदाबाद. राहुल द्रविड़ ऊर्फ ‘द-वॉल’ 11 हजारी होने का पल न देख पाने का सुनील गावसकर को गहरा अफसोस है। उन्होंने बुधवार को इस प्रतिनिधि को दिए विशेष साक्षात्कार में यह बात कही।



उन्होंने कहा कि मैं थकान की वजह से होटल जाकर सो गया था जब जागा तब टीवी चैनलों के जरिए यह समाचार मिला। दरअसल, अहमदाबाद टेस्ट मैच की पूर्व संध्या पर मैं दुबई से सीधा अहमदाबाद पहुंचा था,इसलिए आराम करने के लिए मुझे मैदान से जल्दी जाने की इजाजत दी गई थी।



भरोसा था , कल्पना नहीं: पूर्व कप्तान एवं कॉमेंटेटर ने कहा कि मुझे विश्वास था कि द्रविड़ अच्छा प्रदर्शन कर टीम इंडिया को संकट से उबारने में कामयाब रहेंगे । मुझे इस बात की कल्पना भी नहीं थी कि मिस्टर भरोसेमंद 11 000 रन के निजी स्कोर हेतु आवश्यक 177 रन पहले दिन ही बना लेंगे।



गावसकर-द्रविड़ की एक उपलब्धि : वर्ष 1986-87 में गुजरात के इसी मैदान पर गावसकर ने पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए दस हजार रन का अपना निजी स्कोर बनाया था।



इस बात का ध्यान दिलाने पर पूर्व कप्तान ने कहा कि 10 हजारी की उपलब्धि के बाद मैं अपने टेस्ट कॅरियर में सिर्फ 122 रन जोड़ सका लेकिन उम्मीद करता हूं कि राहुल की उपलब्धियों का सिलसिला जारी रहेगा।



बहुत, अंतर है बॉस: तब और अब (मेरे-द्रविड़ के समय में) में काफी अंतर है। मोटेरा पर जब मेरे साथ दस हजार रन की उपलब्धि जुड़ी थी, उस समय स्थितियां अलग थीं।



उस पल का टीवी पर प्रसारण भी हुआ था लेकिन दस हजारवां रन दौड़ते समय की तस्वीर हासिल करने के लिए मुझे काफी पापड़ बेलने पड़े थे। वहीं अब हर टीवी चैनल ऐसे पलों को समय-समय पर रिपीट करते हैं। अब क्रिकेटर भी निजी स्तर पर टैक्नोलॉजी रखने लगे हैं।



मैदान को अलविदा कहने के बाद कॉमेंट्री में विशेष पहचान बना चुके गावसकर को याद नहीं है कि उन्होंने अब-तक कितने मैचों में कॉमेंट्री की है। यह पूछने पर कि गावस्कर कितने मैंचों में कॉमेंट्री कर चुके हैं, पूर्व कप्तान ने कहा कि यह मुझे याद नहीं है।



लेकिन रिची बेनो एवं कॉमेंटेटर्स की तुलना में संख्या काफी कम होगी। कारण, 1999 से 2008 की अवधि में भारत में हुए एक भी मैच में कॉमेंट्री न कर सका क्योंकि चिंहित समय में मेरा जिस कंपनी के साथ अनुबंध था वह भारत में प्रसारण नहीं करती थी।

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