हिल-हार्पर रेफरल सिस्टम के हक में
अहमदाबाद. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायर डिसीजन रिव्यू सिस्टम ( यूडीआरएस) को भले ही भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे टेस्ट सीरीज में लागू नहीं किया गया हो लेकिन न्यूजीलैंड के अंपायर टोनी हिल और ऑस्ट्ेलिया के डेरेल हार्पर ने इसकी हिमायत की है।
उनका कहना है कि यह क्रिकेट के लिए काफी अच्छी बात है। हार्पर ने बताया कि इसे नई तकनीक कहिए या प्रणाली फिल्ड अंपायर कभी भी दबाव में नहीं आते। दोनों अंपयार एक दूसरे पर विश्वास रखते हुए टीम के तौर पर अपना फर्ज निभाते हैं।
रेफरल सिस्टम की मुख्य भूमिका क्रिकेट में से छोटी-छोटी भूलों को भी दूर करने की है। यह खेल के लिए अच्छी बात है। रेफरल सिस्टम के आधार पर कोई भी निर्णय यदि बदले जाते हैं तो इसके लिए हम तैयार रहेंगे।
अंपायर के भूल करने पर खिलाड़ी को सही निर्णय मिलने का अवसर मिलता है। उधर टोनी का कहना है कि अंपायर भी इंसान होता है और कभी -कभी उनसे भी गलती हो जाती है और गलत निर्णय भी संभव रहता है। ऐसे में रिव्यू सिस्टम खराब नहीं है और इसमें समय भी अधिक जाया नहीं होता।
श्रीलंकाई टीम थी भयभीत
मीडिया में आतंकी हमले की धमकी की खबर पढ़कर श्रीलंका टीम चिंतित थी। अभ्यास मैच के दौरान मैदान की ओर जाते समय पुलिस एस्कॉर्ट और टीम के बस के बीच एक अन्य कार के घुस जाने से खिलाड़ियों की हालत खराब हो गई थी। इस कार में पुलिस बगैर हथियार के थी।
टीम के प्रबंधक ब्रेन्डन कुरुप्पु ने अपने सुरक्षा अधिकारी रोलेन्स फर्नान्डो को भी इसकी जानकारी दी थी। पाकिस्तान स्थित लाहौर में हुए आतंकी हमले के बाद से श्रीलंकाई टीम दहशत में है।
इस कारण बीसीसीआई से टीम की सुरक्षा की पूरी गांरटी मांगी थी लेकिन टीम को बोर्ड प्रेसिडेंट इलेवन के खिलाफ अभ्यस मैच में इससे अलग ही अनुभव हुआ। उधर पिछले साल मुंबई में आतंकी हमले के बावजूद श्रीलंकाई टीम के बस के आगे एक जीप और उसके पीछे दो जीप थी। इसमें मात्र गिनती के अधिकारी थे।



