जेएसडब्लू और जेएफई का करार
भारत की तीसरी सबसे बड़ी इस्पात कंपनी जेएसडब्लू स्टील ने जापान की दिग्गज इस्पात कंपनी जेएफई स्टील से हाथ मिला लिया है। जेएसडब्लू स्टील और जेएफई स्टील भारत में वाहन श्रेणी (ऑटो-ग्रेड) का इस्पात बनाने के लिए साझेदारी करेंगीं। इस साझेदारी में उत्पादन की तकनीक और कच्चे माल की आपूर्ति शामिल होगी। ऑटो क्षेत्र की कंपनियों को सेवाएँ देने के मामले में भी दोनों कंपनियाँ मिल कर काम करेंगीं। इन सब बातों में सहयोग के लिए समझौतों का खाका तैयार किया जा रहा है। जेएफई जापान की दूसरी सबसे बड़ी और विश्व की छठी सबसे बड़ी इस्पात कंपनी है।
भविष्य में दोनों कंपनियों के बीच सहयोग का दायरा बढ़ाने के लिए 10 और बिंदुओं की पहचान की गयी है। इनमें जेएसडब्लू की ओर से पश्चिम बंगाल में बनाये जा रहे इस्पात संयंत्र (स्टील प्लांट) में सहयोग की बात शामिल है। जेएसडब्लू ने अपनी सालाना उत्पादन क्षमता को मौजूदा 78 लाख टन से बढ़ा कर 2011 कर 1.1 करोड़ टन करने की योजना बना रखी है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह 2020 तक झारखंड और पश्चिम बंगाल दोनों में 1-1 करोड़ टन क्षमता के नये संयंत्र लगा कर अपनी कुल सालाना क्षमता को 3.2 करोड़ टन पर ले जाये।
साथ ही दोनों कंपनियाँ एक-दूसरे में हिस्सेदारी खरीद सकती हैं। हालाँकि बाजार में इस बात की चर्चा थी कि आज जेएसडब्लू की 10% हिस्सेदारी जेएफई को दिये जाने का ऐलान हो सकता है। लेकिन आज की औपचारिक घोषणा में इस बिंदु को भविष्य के लिए छोड़ दिया गया है। वाहन-श्रेणी के इस्पात के अलावा दूसरी किस्मों के इस्पात का उत्पादन करने में भी आगे चल कर दोनों कंपनियाँ तालमेल रखेंगीं। भारत और विदेशों में कच्चे माल की खरीद में भी दोनों के बीच सहयोग रहेगा।
जेएसडब्लू स्टील का शेयर आज शुरुआती तेज उछाल के बाद कुछ हल्का पड़ा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में यह 1039 रुपये के ऊँचे स्तर को छूने के बाद दोपहर में 1 बजे 29.35 रुपये यानी करीब 3% की बढ़त के साथ 995 रुपये पर है। इससे पहले कल भी इसमें 4% की तेजी रही थी।
(© www.ShareManthan.in, 19 नवंबर 2009)










