शोध के लिए नासा लेगा हमारे उपग्रह से आंकड़े
वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ ओशियनसैट-2 के आंकड़ों का इस्तेमाल करने के लिए एक समझौता किया है। इसके तहत भारतीय उपग्रह से मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल अमेरिकी एजेंसियां मौसम की भविष्यवाणी समेत अन्य अनुसंधान संबंधी गतिविधियों के लिए करेंगी।
ओशियनसैट-2 को इस साल 23 सितंबर को श्रीहरिकोटा से ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के मार्फत छोड़ा गया था। इस उपग्रह में लगा ओशियन कलर मॉनिटर (ओसीएम) लगातार सेवा मुहैया करा सकेगा। इसके आंकड़ों का नासा द्वारा इस्तेमाल करने के बारे में समझौते पर नासा के भू-विज्ञान विभाग के निदेशक माइकल एच फ्रीलिक, महासागर एवं वायुमंडल विभाग की अधिकारी मेरी ई किक्जा तथा इसरो स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के निदेशक आरआर नवलगौड़ ने हस्ताक्षर किए।
ओशियन कलर डाटा के मुख्य उपयोग
- मत्स्यपालन,
- वैश्विक कार्बन चक्र का अध्ययन,
- स्कैटरोमीटर से हवा की दिशा का पता लगाना।










