स्टील प्लांट के लिए जगह की तलाश शुरू
सोलन. हिमाचल में पहला स्टील प्लांट लगने की दिशा में आशा की किरण दिखी है। केंद्रीय इस्पात मंत्रालय प्लांट के लिए सिरमौर जिला के नाहन के आसपास उपयुक्त स्थान की तलाश करेगा। इसके लिए जल्द ही एक बार फिर सर्वे होगा। इससे प्रदेश को बड़ी संख्या में रोजगार मिल सकता है।
प्रदेश में लंबे समय से स्टील प्लांट लगाने की बात चल रही है, लेकिन यहां की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह काम आसान नहीं है। पहले भी नाहन फाउंडरी में स्टील प्लांट की योजना बनाई थी। उपयुक्त जगह न मिल पाने से यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। केंद्रीय मंत्रालय अभी भी नाहन के आसपास ही प्लांट लगाने के लिए सबसे उपयुक्त जगह मान रहा है।
वीरभद्र सिंह के इस्पात मंत्री बनने के बाद इस दिशा में प्राथमिकता के आधार पर काम हो रहा है। हाल ही में सोलन जिला के अर्की की लाइम स्टोन खानों के दोहन के लिए दो कंपनियों के बीच एमओयू होने से प्रदेश में स्टील प्लांट लगने की योजना को भी बल मिला है। इन खानों के दोहन से ही करीब दो हजार लोगों को रोजगार मिल सकेगा। दोनों कंपनियां यहां करीब 200 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी।
हर साल 11 करोड़ की रॉयल्टी
इससे प्रतिवर्ष प्रदेश को 11 करोड़ रुपए की रॉयल्टी मिलेगी। लाइम स्टोन स्टील निर्माण के काम आता है। प्रदेश के कंदरोड़ी में स्टील प्रोसेसिंग यूनिट के निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो गया है। इसके पहले चरण में करीब 125 करोड़ रुपए खर्च हो रहा है। प्रदेश में स्टील प्लांट निर्माण के लिए यह समय सबसे उपयुक्त है। इस समय केंद्र में इस्पात मंत्रालय हिमाचल के पास है।
मैं प्रदेश में स्टील प्लांट लगाना चाहता हूं। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। नाहन के आसपास जगह के चयन के लिए एक बार फिर से खोज की जाएगी।
वीरभद्र सिंह, केंद्रीस इस्पात मंत्री










