रैबीज के डर से लोगों ने छोड़ा बड़ा भंगाल
धर्मशाला. कांगड़ा जिले के अति दुर्गम बड़ा भंगाल गांव में रैबीज के प्रकोप से निजात की राह ताक रहे ग्रामीणों की मुसीबत बर्फबारी से और बढ़ गई है। बड़ा भंगाल गांव में पागल कुत्तों के काटने से दो दर्जन से अधिक पालतू पशुओं की मौत हो चुकी है। 10 दिन में प्रभावित ग्रामीणों को राहत देने के लिए कोई भी स्वास्थ्य टीम मौके पर नहीं पहुंच पाई है।
जिला प्रशासन की विशेष टीम बीच रास्ते से ही लौट आई है। लिहाजा लोगों ने यहां से बीड़ की ओर पलायन कर दिया है। प्रशासन की ओर से अब जिला चंबा से स्वास्थ्य टीम रवाना की गई है। यदि यह टीम भी बड़ा भंगाल पहुंचने में असमर्थ रही है तो प्रशासन ने हेलीकॉप्टर की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है।
पागल कुत्तों के आतंक से बड़ा भंगाल के 400 ग्रामीण डर के साए में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। अब तक 12 से अधिक गाय और इतनी ही भेड़ें रैबीज की वजह से मर चुकी हैं। इसके अतिरिक्त भारी संख्या में पशुओं में रैबीज के लक्ष्ण पाए गए हैं। इससेनिपटने के लिए प्रशासन की ओर से पशु चिकित्सकों की टीम की व्यवस्था नहीं की गई है। प्रशासन को रैबीज की वजह से पशुओं की मौत की तो सूचनाएं मिली हैं।
प्रशासन की लापरवाही से बड़ा भंगाल में हालात बिगड़ सकते हैं। पंचायत में रैबीज के शिकार पशुओं और लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सरकार को डाक्टरों की टीम को हवाई सेवा के माध्यम से बड़ा भंगाल भेजने की व्यवस्था करनी चाहिए।
अक्षय जसरोटिया, जिला परिषद सदस्य
पिछले हफ्ते बड़ा भंगाल के लिए डाक्टरों की टीम रवाना की गई थी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल न होने के चलते टीम लौट आई। दूसरी टीम को दो दिन पहले चंबा के रास्ते भेजा गया है, लेकिन टीम सदस्यों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। यदि डाक्टरों की टीम दोबरा बड़ा भंगाल पहुंचने में असफल रहती है तो हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की जाएगी।
संदीप कुमार, एडीएम, जिला कांगड़ा











