पीयू 50 हजार रुपए मुआवजा दे : फोरम
चंडीगढ़. पंजाब यूनिवर्सिटी द्वारा अपने कर्मचारी के सेवामुक्त होने पर पीएफ और पेंशन केस का समय पर भुगतान न करने के मामले में जिला उपभोक्ता फोरम ने पीयू को सेवा में खामी का दोषी माना है।
फोरम ने अपने निर्देश में पीयू को तुरंत नो डच्यूज सर्टिफिकेट जारी करने, 1, मई,2006 से 8 अप्रैल,2007 तक बकाया पेंशन राशि ब्याज सहित लौटाने, इसके अलावा पीएफ की बकाया राशि 4 लाख 48 हजार 158 रुपए देने और जबरन काटी गई पीएफ की राशि 16 हजार 668 रुपए वापस करने के अलावा 50 हजार रुपए मुआवजा के अतिरिक्त पांच हजार रुपए मुकदमा खर्च राशि देने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता पंजाब यूनिवर्सिटी से 31 अगस्त,05 को उन्हें रिटायर होने पर दिए जाने वाले सभी लाभ दिए गए। उन्होंने 3 मार्च,2006 पेंशन स्कीम के लिए अपनी सहमति दी थी। उनका पीएफ पीयू 13 लाख 46 हजार 912 रुपए जमा था। जो यूनिवर्सिटी पेंशन कॉरपस फंड में ट्रांसफर करना था। शिकायतकर्ता का कहना है कि उनका पेंशन केस और पीएफ डच्यूज का भुगतान पीयू की ओर से समय पर नहीं किया गया। उन्हें इसके लिए पीयू के चक्कर काटने पड़े। बीमारी के चलते उन्हें पैसों की सख्त जरूरत थी। ऐसे में पीयू ने उनकी अर्जी पर कोई गौर नहीं की।
पीयू ने फोरम में अपनी दलील में कहा कि नियम व शर्तो के तहत शिकायतकर्ता कर्मी को सेवामुक्त होने पर सभी बेनिफिट्स का भुगतान किया गया। पीयू ने इस मामले में सेवा में कोताही से साफ तौर पर इनकार कर दिया।










