Friday, Nov 20th, 2009, 2:58 am [IST]  

danik bhaskarप्रशासन को दखल का अधिकार नहीं

भास्कर न्यूज

चंडीगढ़. सेंट जॉन्स स्कूल सेक्टर 26 प्रबंधन ने कहा है कि चंडीगढ़ प्रशासन के होम सेक्रेटरी और डिस्ट्रिक्ट एजूकेशन अफसर 50 साल पुराने इस प्रतिष्ठित स्कूल को खत्म करने पर तुले हैं। जिस स्कूल ने विभिन्न क्षेत्रों में अनेक प्रतिभाएं तैयार की हैं उसे प्रोत्साहित करना तो दूर अब उसके अंदरूनी मामलों में भी दखलअंदाजी की जा रही है। स्कूल का यह भी कहना है कि यह पहला मामला नहीं है जहां स्कूल को निशाना बनाया जा रहा है। ताजा विवाद में भी प्रिंसीपल को बेवजह घसीटा जा रहा है।



इसी के साथ स्कूल प्रबंधन ने वीरवार को यूटी प्रशासन की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज दिया जिसमें स्कूल के प्रिंसिपल और एक टीचर को दोषी करार दिया था। रिपोर्ट में टीचर माइकल एंजेलो फ्रांसेस को गाने में अश्लील शब्दों का प्रयोग करने और प्रिंसिपल कविता दास को साइबर क्राइम को प्रमोट करने का आरोप लगाया गया था। स्कूल की ओर से यह कहा गया है कि यह स्कूल एक प्राइवेट माइनॉरिटी स्कूल है और सरकार से कोई माली मदद नहीं लेता। टीचर के खिलाफ मिली शिकायत को नियमों के तहत निपटाया जाता है और जहां जरूरी हो कार्रवाई भी की जाती है। जबकि इस मामले में प्रशासन बेवजह कूद पड़ा और स्कूल को जांच ही नहीं करने दी गई।



होम सेक्रेटरी और डीईओ यह तो बताएं कि कानून के किस नियम के तहत यह जांच की गई? स्कूल को जांच में शामिल होने या पक्ष रखने का कोई मौका तक नहीं दिया गया। डीईओ खुद स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के मेम्बर हैं, लेकिन वे मीटिंग तक में नहीं आते।

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