शॉर्टकट होगा तेलीबांधा बायपास!
रायपुर. छोटी रेल लाइन के स्टेशन को तेलीबांधा में शिफ्ट करने के फैसले के साथ ही शहर के लोगों को एक बड़ी सुविधा का रास्ता साफ हो गया है। स्टेशन लेकर तेलीबांधा क्रासिंग तक छह किमी लंबा बायपास बनाया जाएगा, जिसके तैयार होने के बाद स्टेशन से तेलीबांधा तक की दूरी 11 किमी से घटकर केवल सात किमी रह जाएगी।
इससे बड़ा लाभ समय का होगा। एक घंटे की बजाय लोग सिर्फ 15 मिनट में यह दूरी तय कर लेंगे। सड़क तैयार करने के लिए सबसे बड़ी चुनौती रेलवे से जमीन की अनुमति हासिल करने के बाद उसके दोनों तरफ हुए अवैध कब्जों को हटाना होगा। जमीन हस्तांतरण के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह जल्द ही दिल्ली में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष से मुलाकात कर यह प्रस्ताव देंगे।
शहर के बीच से बिना गार्ड वाले क्रासिंग से गुजरने वाली इस छोटी लाइन की रेलगाड़ी की वजह से दिन में कई बार ट्रैफिक जाम की स्थिति बनती थी। फिलहाल पटरी के दोनों तरफ की 80 फीसदी जमीन पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। निगम की योजना अतिक्रमण हटाकर यहां 70 फीट से कुछ ज्यादा चौड़ी सड़क बनाने की है।
इस सड़क का लाभ बिलासपुर, बलौदाबाजार, मंदिरहसौद की तरफ से आने या जाने वाले दो लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा। अभी बिलासपुर और तेलीबांधा ीक तरफ से आने-जाने वाले लोगों को शहर के बीच से भारी ट्रैफिक से होते हुए जाना पड़ता है। सड़क तैयार हो जाती है तो वह सीधे स्टेशन या अन्य शहरों के लिए जा सकेगा। प्रमुख सड़कों पर क्रासिग के लिए अंडरग्राउंड ब्रिज बनाए जा सकते हैं, ताकि वाहनों की आवाजाही की गति प्रभावित न हो।
रेलवे से जमीन के हस्तांतरण के पहले निगम और राज्य शासन पूरी योजना को अंतिम रूप देगा। निवेशक संदीप बागड़े ने बताया कि मास्टर प्लान के मुताबिक इस जमीन पर सड़क बनाई जाएगी। यहां स्टेशन से तेलीबांधा तक बायपास बनाया जाना है, जो शहर की छह प्रमुख सड़कों को काटते हुए गुजरेगा। स्टेशन और तेलीबांधा के बीच यह शॉर्टकट होगा।
रायपुर निगम ने इस मामले में हस्तक्षेप किए बिना सड़क बनाने का निर्णय रेलवे बोर्ड पर छोड़ दिया है। इसका फैसला वहीं से होगा। शासन सड़क बनाने के लिए पहले रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव देगा, जिसमें लोगों की ट्रैफिक समस्या और सड़कों पर कब्जे का प्रमुखता से जिक्र होगा।










