Friday, Nov 20th, 2009, 3:18 am [IST]  

danik bhaskarजंग लगीं मतपेटियों से लड़ेंगे चुनावी जंग

गोविंद ठाकरे

aरायपुर.नगरीय निकाय चुनाव इस बार भी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन से नहीं कराए जाएंगे। जीर्ण-शीर्ण और जंग लगी मोटे टिन की मतपेटियों को ही मतदान के लिए तैयार किया जा रहा है। कलेक्टोरेट स्थित दाल-भात केंद्र में मतपेटियों की रिपेयरिंग का काम जोरशोर से चल रहा है। अफसरों का दावा है कि पेटियां पर्याप्त संख्या में हैं।



नगरीय निकाय चुनाव के लिए जिला प्रशासन ने एक हजार 29 केंद्र बनाए हैं। एक मतदान केंद्र पर एक ही पेटी होगी, जिसमें महापौर, नगर पालिका और जिला पंचायत अध्यक्ष अथवा पार्षद के वोट पड़ेंगे। एक बार में एक से अधिक मत देने होंगे। इसके चलते इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के इस्तेमाल में व्यावहारिक दिक्कतें आएंगी। यही वजह है कि इस बार भी परंपरागत मतपेटियों के सहारे ही चुनावी जंग लड़ी जाएगी।



कलेक्टर संजय गर्ग ने कलेक्टोरेट में नामांकन भरने काउंटर की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दे दिया है। इसके मुताबिक महापौर के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र स्वयं कलेक्टर लेंगे। वार्ड पार्षदों के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र ग्रहण करने के लिए नौ काउंटर बनाए गए हैं। उन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। इनमें जिला पंचायत के सीईओ रजत कुमार, निगम कमिश्नर ओमप्रकाश चौधरी शामिल हैं।



महापौर पद के प्रत्याशियों को पांच हजार रुपए जमानत राशि के तौर पर जमा करना होगा। नगर पालिका अध्यक्ष के लिए तीन हजार और जिला पंचायत के अध्यक्ष के लिए दो हजार रुपए जमानत राशि तय की गई है।नगर निगम के पार्षदों के लिए एक हजार, नगर पालिक पार्षदों के लिए पांच सौ और नगर पंचायत के पार्षदों के लिए 250 रुपए जमानत राशि तय की गई है।

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