...और ओपीडी में लगी लाइनें
अम्बाला. एसडी पब्लिक में स्वाइन फ्लू के दो पाजीटिव केस मिलने के बाद गुरुवार को जर्मन टीचर मैनुएजा मैजोरक ने भी अपनी स्वास्थ्य जांच करवाई। हालांकि उन्हें फ्लू का कोई लक्षण नहीं था। मगर एहतियात के तौर पर उन्होंने प्रिंसिपल नील इंद्रजीत के साथ आकर जांच करवाई। दूसरी तरफ यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही युवती में स्वाइन के संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद उसका सैंपल लिया गया है।
टेंडर हार्ट स्कूल में पढ़ने वाले उसके छोटे भाई को भी बुखार व कोल्ड की शिकायत है, जिसे अंडर-ऑबजर्वेशन रखा गया है। इसी बीच कान्वेंट आफ जीसस एंड मैरी की एक छात्रा में भी संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद सैंपल लिए गए हैं। वहीं गवर्नमेंट कालेज की एक स्टूडेंट का भी सैंपल लिया गया। दूसरी तरफ अम्बाला सिटी के स्कूल चमन वाटिका से भी एक बच्चे में संदिग्ध लक्षण मिलने के बाद सैंपल लिए गए हैं।
इस स्कूल की एक छात्रा की स्वाइन से मौत हो चुकी है। सिविल अस्पताल में पिछले दो दिनों से ओपीडी बढ़ गई है। बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पहुंच रहे हैं। चेस्ट इंस्फेक्शन जांचने के लिए एक्सरे करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा ईएनटी के डाक्टर गले व नाक की जांच के बाद माइल्ड सिमटम के चलते स्वैप सैंपल लेकर अम्बाला सिटी अस्पताल में पहुंचाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
डाक्टरों का कहना है कि लोगों में भय ज्यादा है और कॉमन कोल्ड को भी स्वाइन फ्लू मान कर डर रहे हैं। जबकि इस मौसम के बदलाव के साथ सामान्य फ्लू होने की संभावना रहती है। यूक्रेन में एमबीबीएस कर रही प्रियंका ने बताया कि वहां स्वाइन फ्लू की वजह से छुट्टियां होने के बाद वह यहां आई थी।
एयरपोर्ट पर वह अन्य लोगों के साथ संपर्क में आई। उसे करीब 15 दिनों से कोल्ड-कफ, बुखार के साथ शरीर में दर्द की शिकायत हुई। अब उसके छोटे भाई में यही लक्षण आ गए हैं। इसी की वजह से डाक्टरों ने प्रियंका का सैंपल लेते हुए मास्क व अन्य एहतियात बरतने की सलाह दी।
इंतजाम पर्याप्त नहीं
कैंट के एक-दो स्कूलों में स्वाइन फ्लू के केस मिलने के बाद लोग अस्पतालों की तरफ भाग रहे हैं मगर गुरुवार को कैंट सिविल में मरीजों के लिए इंतजाम पर्याप्त नहीं दिखे। एक तरह से पूरा अस्पताल सिर्फ दो डाक्टरों के भरोसे था। स्त्री रोग विशेषज्ञ, नाक-कान-गला विशेषज्ञ एवं एसएमओ और सर्जन छुट्टी पर थे। हड्डी रोग विशेषज्ञ डा. विजय केस के सिलसिले में कोर्ट में थे जबकि नेत्र रोग विशेषज्ञ काफी समय से अनुपस्थित चल रहे हैं।
कुल मिलाकर फिजिशियन डा. अजय छाबड़ा और डेपुटेशन पर आई ईएनटी स्पेशलिस्ट के भरोसे ही अस्पताल था। सूत्र बताते हैं कि इकलौते फिजिशियन को डेढ़ सौ से ज्यादा ओपीडी देखनी पड़ी। स्वाइल फ्लू के मरीजों के लिए बनाया गया आइसोलेशन वार्ड डाक्टरों के अभाव में बंद पड़ा है। अस्पताल में पहले ही चिकित्सकों के स्वीकृत 11 पदों के विपरीत यहां सात डाक्टर ही हैं। ऐसे में जब अस्पताल में ज्यादा डाक्टरों की जरूरत है, डाक्टरों के न रहने से समस्या और बढ़ गई है।
अब स्कूलों में फ्लू का बुखार
छावनी के एसडी पब्लिक स्कूल से चले स्वाइन फ्लू ने अब बड़े स्कूलों में भी अपने पांव पसार लिए हैं। वीरवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सिटी के चमन वाटिका व छावनी के कानवेंट स्कूल से दो छात्रों के सेंपल लिए हैं। इसके अलावा छावनी के दो व्यस्क भी स्वाइन फ्लू के आशंकाग्रस्त रोगियों की श्रेणी में शामिल हो गए हैं।
टीम ने चारों सेंपल को जांच के लिए लैब भेज दिया है। मगर अभी रिपोर्ट आनी बाकी है। स्वास्थ्य विभाग के नोडल आफिसर सुरेंद्र मोहन ने बताया कि वीरवार को टीम ने एसडी पब्लिक स्कूल में कई छात्रों का स्वास्थ्य जांचा। इसके बाद टीम ने छावनी के कानवेंट स्कूल से चार वर्षीया छात्र व सिटी से चमन वाटिका स्कूल से 11 वर्षीय छात्र का सेंपल लिया।
इन दोनों को जुकाम, बुखार व खांसी की शिकायत हैं। टीम ने इन दोनों छात्रों के स्कूल जाने से मना कर दिया है। साथ ही उनके परिजनों को कुछ दिनों के लिए एहतियात बरतने के लिए कहा है। इसके अलावा टीम ने छावनी से दो व्यस्क के सेंपल लिए हैं। टीम का कहना है कि सेंपल की रिपोर्ट आने पर पीड़ितों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इनकी रिपोर्ट को गोपनीय रखने के लिए उच्चधिकारियों के निर्देश हैं।
क्या करें
नियमित अंतराल पर हाथ धोते रहें। भीड़ भरे स्थानों पर जाने से बचें। संक्रमित व्यक्ति से कम से कम एक मीटर दूर रहें। पूरी नींद लें। पर्याप्त पानी पीएं और संतुलित भोजन लें।
क्या न करें
संक्रमित से हाथ न मिलाएं। खुले में न थूकें, फिजिशियन की सलाह बगैर दवा न लें।
जो बीमार हैं उनके लिए
घर पर रहें और दूसरों के संपर्क में न आएं। पूरा आराम और पर्याप्त पेय पदार्थ लें। खांसते व छींकते समय मुंह व नाक ढक लें।










