नेताओं-अफसरों से जुड़े तारों की पड़ताल
भोपाल. प्रापर्टी डीलर जयप्रकाश सिंह द्वारा अपने बेटे की गोली मारकर आत्महत्या करने के मामले में पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि उनके किन नेताओं व अफसरों से संबंध थे।
वहीं, आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में फरार शराब माफिया विनय केडिया और उसके नौ साथियों का पुलिस का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
शराब माफिया पक्ष ने कुछ बिंदुओं पर जांच कराने के लिए पिपलानी पुलिस को आवेदन भी दिया है। शराब माफिया और कंस्ट्रक्शन कंपनी का जयप्रकाश सिंह से लेनदेन को लेकर विवाद था। पुलिस कंस्ट्रक्शन कंपनी के संचालक को भी इस मामले में आरोपी बना सकती है।
पुलिस अब जेपी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स निकालकर उनके नेताओं और अफसरों से संबंधों की भी छानबीन कर रही है। पुलिस छानबीन कर रही है कि वे कम समय में करोड़ों की संपत्ति के मालिक कैसे बन गए।
केडिया से जुड़ी एक कंपनी ने गुरुवार को पिपलानी पुलिस को एक आवेदन प्रस्तुत कर कुछ बिंदुओं पर जांच करने की मांग की है, जिसमें उन्होंने निपानिया जाट स्थित जमीन के संबंध में भी साक्ष्य और कागजात प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि विनय को झूठा फंसाया जा रहा है जिस जमीन का सौदा हुआ है उसका भुगतान चेक से किया गया है।
पुलिस ने कंपनी द्वारा दिए गए आवेदन को जांच में शामिल कर लिया है। आवेदन में जयप्रकाश के नेताओं और अफसरों से संबंधों की जांच करने की भी मांग की गई है। टीआई पिपलानी आरआर बंसल का कहना है कि उन्हें आवेदन प्राप्त हुआ है। उसमें जो बिंदु बताए गए हैं उनकी जांच की जाएगी।
हफ्तेभर पहले जयप्रकाश ने बेटे यश की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मार ली थी। इस मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
इंदौर निवासी शराब माफिया विनय केडिया और उसके एक दर्जन से ज्यादा साथियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का प्रकरण दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही पुलिस ने एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मैनेजर समेत छह लोगों के खिलाफ बलवा और अड़ीबाजी का प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया था।










