प्रशंसा पाकर इठलाया जयपुर घराना
अपनों के बीच उनकी हौसला अफजाई से मानो जयपुर घराने का कथक नृत्य अपने वजूद पर इठला गया हो। कुछ ऐसा ही महसूस हुआ जब जयपुर समारोह के तहत गुरुवार को रवींद्र मंच पर आयोजित कार्यक्रम में कथक के जयपुर घराने के तीन प्रमुख कलाकारों मंजरी महाजनी, पं. चरण गिरधर चांद और अंजनी अंबेगांवकर ने नृत्य प्रेमियों की वाहवाही के बीच कार्यक्रम प्रस्तुत किया।
तीनों डांसर्स ने इस नृत्य के तकनीकी और श्रंगारिक पक्ष का जिस बेहतरीन अंदाज में प्रदर्शन किया उसे देख हर कोई वाह वाह कर उठा। मंजरी महाजनी ने जहां नृत्य के सौंदर्य पक्ष को दर्शाया वहीं चरण गिरधर चांद और अंजनी अंबेगांवकर ने अपने सशक्त फुट वर्क से नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया। मंजरी ने राग पूरिया कल्याण में कृष्ण वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत कर तीन ताल में जयपुर घराने का शुद्ध कथक नृत्य पेश किया।
जयपुर की परणों को प्रस्तुत करने में मंजरी का नृत्य देखते ही बनता था। अंत में उन्होंने सूरदास के पद प्रीत करे काहू पर भी अपनी नृत्य कला का मनमोहक प्रदर्शन कर दर्शकों वाहवाही लूटी। इसके बाद चरण गिरधर चांद और अंजनी अंबेगांवकर ने भी नृत्तांग प्रधान इस घराने के तकनीकी कौशल को अपनी प्रस्तुति का माध्यम बनाया।










