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Friday, Nov 20th, 2009, 3:38 am [IST]  

danik bhaskarपार्क न स्कूल कैसे होगी वैध कालोनियां

अनिल भारद्वाज

अम्बाला. नगर परिषद की विस्तारित सीमा (एक्सडेंट लिमिट) में आई कालोनियों का जो सर्वे प्राइवेट कंपनी ने किया है, उस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अविकसित कालोनी को अप्रूवड करवाकर भूमाफिया तो मोटा मुनाफा कमा लेगा मगर इन कालोनियों में सुविधाएं कैसे मुहैया होंगी। सर्वे में कैंट की 135 व सिटी की 74 कालानियों को शामिल किया गया है।



पार्षदों का तर्क है कि जो कालोनियां 50 फीसदी से ज्यादा विकसित हो चुकी हैं और आबाद हैं, उन्हीं को वैध करने का फायदा है। जो कालोनियां विकसित ही नहीं हुई, फिर खाली जमीन को अप्रूवड एरिया बनाने से तो भू-माफिया को ही फायदा मिलेगा। भू-माफिया इसी प्रयास में है कि उनकी खाली कालोनियां भी अप्रूवड हो जाएं ताकि यहां मोटे दामों पर प्लाट बेच सकें जबकि सुविधाएं सरकार मुहैया करवाए।



सर्वे की रिपोर्ट नगर परिषद के सदन में पास होनी जरूरी है। सूत्र बताते हैं कि भू-माफिया इस प्रस्ताव को पारित करवाने के लिए जनप्रतिनिधियों व नप के अधिकारियों को ‘मनाने’ के प्रयास कर रहा है। हरियाणा नगरपालिका अधिनियम, 1973 तथा हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 के प्रावधानों के अनुसार तथा कुछ मानदंडों को पूरा करना जरूरी है। पारित प्रस्ताव को डीसी द्वारा राज्य सरकार को भेजा जाएगा।



कालोनी वैध के लिए शर्ते: मानदंडों के अनुसार ऐसी अनाधिकृत कालोनियां, जहां प्लाट के 50 प्रतिशत से अधिक भाग पर निर्माण हो चुका है। जहां अग्निशमन वाहनों सहित मोटर वाहनों की पहुंच के लिए पर्याप्त चौड़ाई वाली सड़कें हैं तथा पर्याप्त विकास कार्य किया जा चुका है, को नियमित किया जाएगा।



इन अनाधिकृत कालोनियों के आंतरिक क्षेत्र में पड़ने वाले खाली प्लाटों को कालोनी का भाग माना जाएगा, जिसके मालिक अंतत: भवन नक्शों के अनुमोदन के समय संबंधित पालिका से सम्पर्क स्थापित करेंगे।



ये नहीं होंगी वैध



कालोनियों की बाहरी चारदीवारी पर पड़ने वाली जमीन के खाली टुकड़े, आवासीय कालोनियों में किसी उद्योग के अधीन आने वाला क्षेत्र है। भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 के तहत अधिसूचित कोई क्षेत्र, वन संरक्षण अधिनियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, इंडियन वर्क्‍स ऑफ डिफैंस एक्ट, बिजली अधिनियम तथा किसी अन्य केंद्रीय अधिनियम के तहत आने वाले क्षेत्र को नियमित नहीं किया जाएगा।



केंद्र या राज्य सरकार के अंतर्गत, केंद्रीय या राज्य सरकार के बोर्डो एवं निगमों की भूमि पर निर्मित अनाधिकृत कालोनियों, निर्माणों, अतिक्रमणों को इस समय नियमित नहीं किया जाएगा। सभी सड़कें, गलियां, पार्क, खुले क्षेत्र, हरित पट्टिकाएं तथा सभी मौजूदा जन सुविधाएं संबंधित पालिका में ही निहित होंगी।

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