कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नामांकन प्रक्रिया शुरू
रतलाम.
नगरीय निकाय चुनाव के लिए गुरुवार को चुनाव की सूचना का प्रकाशन होने के साथ नामांकन-पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो गई। नामांकन-पत्र दाखिल करने के लिए कलेक्टोरेट परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई। कलेक्टोरेट परिसर को बैरिकेड्स व जालियों से कवर किया गया और हर द्वार पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था।
सुबह साढ़े दस बजे से कलेक्टोरेट परिसर में नेताओं की चहल-पहल बढ़ने लगी और शाम तक रही। पहले दिन नेता नामांकन-पत्र प्राप्त करने में लगे रहे। भाजपा व कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आपस में चर्चाएं भी की। हर कोई अपना-अपना पक्ष रख रहा था तो कोई महापौर पद के लिए दावेदारी में पीछे हटने की बात कह रहा था। पहले दिन महापौर पद के लिए एक नामांकन-पत्र दाखिल हुआ।
जबकि पार्षद पद के लिए एक भी नामांकन-पत्र दाखिल नहीं हुआ। पार्षद पद के लिए नामांकन-पत्र दाखिल करने के लिए बनाए गए कक्षों में सहायक रिटर्निग ऑफिसर व उनके साथी कर्मचारी नामांकन-पत्र दाखिल करने वालों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई भी व्यक्ति नामांकन-पत्र दाखिल करने नहीं पहुंचा।
पहले दिन सिर्फ एक नामांकन-महापौर पद के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू होने के पहले दिन गुरुवार को मात्र एक नामांकन ही दाखिल हुआ। सुबह 10.30 से दोपहर 2.5४ बजे तक कलेक्टर कार्यालय में एक भी व्यक्ति नामांकन दाखिल करने नहीं पहुंचा।
2.5५ बजे पूर्व उपमहापौर सतीश पुरोहित कलेक्टोरेट में प्रकट हुए और कांग्रेस की तरफ से रिटर्निग ऑफिसर व कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी के समक्ष नामांकन दाखिल किया। श्री पुरोहित का नामांकन फार्म पहले दिन का पहला और अंतिम आवेदन है।
महापौर पद के लिए गुरुवार को 24 लोगों ने नामांकन फार्म प्राप्त किए जिनमें से अधिकांश नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन नामाकंन प्रस्तुत करेंगे। नामांकन-पत्र प्राप्त करने वालों में भाजपा नेता मुन्नालाल शर्मा, महेंद्र नाहर, कांग्रेस नेता विमल छिपानी, एनएसयूआई के नगराध्यक्ष फैयाज मंसूरी, शहर महिला कांग्रेस अध्यक्ष यास्मिन शेरानी, एडवोकेट विजय स्टीफन, विधायक प्रतिनिधि रजनीकांत व्यास, श्याम योगी, यासीन शाह, जनक नागल आदि शामिल हैं।
दोनों पदों के नामांकन-पत्र लिए-नामांकन-पत्र प्राप्त करने के पहले दिन कुछ नेताओं ने महापौर व पार्षद पद के आवेदन प्राप्त किए हैं। इसे लेकर लोग अब यह कयास लगा रहे हैं कि किसे महापौर का टिकट नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने महापौर के साथ पार्षद का आवेदन भी प्राप्त किया है उनमें से कई नेता पार्षद का चुनाव लड़ेंगे।










