स्कूल बंद करने पर ही रुकेगा फ्लू
पानीपत. स्वाइन फ्लू बेलगाम हो चुका है। शहर में रोजाना फ्लू का एक केस सामने आ रहा है। सर्दियों में इसके वायरस और ज्यादा सक्रिय रहने के कारण स्थिति और भी गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वाइन को रोकने के लिए सिर्फ एक ही उपाय है कि जिन स्कूलों में पॉजिटिव मरीज मिले हैं, उन्हें एक हफ्ते के लिए बंद कर दिए जाए। तभी कुछ हद तक स्वाइन पर लगाम कसी जा सकेगी।
वरिष्ठ फिजीशियन डा. रमेश छाबड़ा ने बताया कि इन्फ्लूएंजा एचवन—एनवन करीब सात से आठ दिन तक सक्रिय रहता है। टेमीफ्लू खाने के बाद अगर मरीज एक हफ्ते तक घर में रहे तो वह काफी हद तक ठीक हो जाता है। घर पर रहना इसलिए जरूरी है कि क्योंकि स्वाइन के वायरस एक दूसरे के संपर्क में आने से फैलते हैं।
अगर मरीज घर में रहेगा तो वायरस भी किसी अन्य व्यक्ति के अंदर नहीं जाएगा। जिन स्कूलों में स्वाइन के मरीज मिले हैं उसे करीब एक हफ्ते तक बंद कर देना चाहिए। इस बात पर गौर करना जरूरी है कि मॉडल टाउन में मरीज मिलने के बाद शहर में स्वाइन ने पैर जमाए हैं। उसके संपर्क में जो भी सदस्य था, वो पॉजिटिव पाया गया।
खांसी में न भेजें स्कूल
विशेषज्ञों के मुताबिक जिन बच्चों को खांसी-जुकाम हैं, उनमें स्वाइन की अधिक आशंका है। ऐसे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। डा. रमेश छाबड़ा ने बताया कि सामान्य खांसी और जुकाम होने पर बच्चे को स्कूल नहीं भेजना चाहिए। इससे उनमें स्वाइन के वायरस जल्दी प्रवेश कर सकते हैं।
16 सैंपल भेजे गए
जिला स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को 16 संदिग्धों के सैंपल लिए। सैंपलों को जांच के लिए दिल्ली भेज दिया गया है। इनकी रिपोर्ट शुक्रवार शाम तक आएगी। हालांकि गुरुवार को भी जांच के लिए लोगों का तांता लगा रहा। लेकिन गंभीर लक्षण दिखने वालों के ही सैंपल लिए गए। अब तक कुल 136 सैंपलों लिए जा चुके हैं।
दो और छात्र पॉजिटिव
गुरुवार को दो और छात्रों में पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। सीएमओ डा. एसएस पूनिया के अनुसार सनोली रोड से पांच वर्षीय छात्र और विराट नगर स्थित पंद्रह वर्षीय छात्र में पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। इस प्रकार शहर में पॉजिटिव की संख्या दस तक पहुंच गई है। दोनों छात्रों का पहले से ही ट्रीटमेंट चल रहा है। दोनों को घरों में ही आइसोलेट कर दिया गया है।
घबराने की जरूरत नहीं
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। स्थिति काबू में है। पॉजिटिव केसों पर स्टडी के बाद ही जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - विजय सिंह दहिया, डीसी, पानीपत










