नेताओं ने नहीं किया तो जनता ने स्वयं कर दिखाया
रतलाम यह वर्तमान परिषद के मुंह पर कड़ा तमाचा है कि बार-बार क्षेत्र में नाली बनाने की मांग लेकर नगर निगम व पार्षद के सामने हाथ फैलाने वाले तेजानगर के लोगों ने जब देखा कि उनकी उपेक्षा हो रही है तो उन्होंने खुद क्षेत्र का विकास करने की ठान ली। बदलाव की इस बयार से नेताओं को शायद कुछ सबक मिले।
विकास के लिए पांच साल का मौका दिया लेकिन जनप्रतिनिधि विकास से मुंह मोड़े बैठे रहे तो जनता ने ही विकास कार्यो की शुरुआत कर दी। तेजानगर ब्लॉक ३ के रहवासियों ने खुद के दम पर नाली का निर्माण कर दिया। साथ ही वे जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता के कारण निकाय चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
लोगों का कहना है कि कॉलोनी के विकास के लिए पांच साल में कई बार जनप्रतिनिधियों को कहा लेकिन किसी ने एक न सुनी। इस पर सभी ने एकमत होकर कॉलोनी में विकास कार्य करने का मन बनाया और राशि एकत्र कर नाली का निर्माण कर दिया। आगे भी विकास कार्य के लिए इसी तरह प्रयास करेंगे।
इन्होंने जुटाई हिम्मत
गोविंद पांचाल, कृष्णा शर्मा, रामचंद्र पाटीदार, बाबूलाल पांचाल, जगदीश माली, मोतीलाल, फारूख, अशोक पंजाबी, सरजू बेन, मुबारिक, बसंती माली, मनीष डावी, चेतन माली आदि।
ऐसे आया विचार
पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से घरों का गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता था। इस पर कॉलोनीवासियों ने एकजुट होकर एक बैठक की ओर समस्या के निदान का निर्णय लिया। सभी ने एकमत होकर १५ हजार रुपए एकत्र किए और नाली बना डाली।
नहीं डालेंगे वोट
इस बार नगरीय निकाय चुनाव में वोट नहीं डालने का निर्णय लिया है। कॉलोनीवासियों के मुताबिक हम जनप्रतिनिधि का चयन विकास के लिए करते हैं लेकिन चुनाव बाद जनप्रतिनिधि हमें ही भूल जाते हैं।










